नयी दिल्ली, नौ सितंबर (भाषा) भारत अंतरराष्ट्रीय चावल सम्मेलन (बीआईआरसी) 2026 के लिए चावल उद्योग संगठन आईआरईएफ ने अंतरराष्ट्रीय चावल अनुसंधान संस्थान (आईआरआरआई), ईवाई और एसएंडपी ग्लोबल को ‘नॉलेज पार्टनर’ बनाया है।
भारत अंतरराष्ट्रीय चावल सम्मेलन (बीआईआरसी) 2026 का आयोजन 23 से 25 अक्टूबर के दौरान राष्ट्रीय राजधानी के भारत मंडपम में किया जाएगा। 30 अगस्त तक 138 देशों के 3,317 खरीदार इसके लिए पंजीकरण करा चुके हैं।
भारतीय चावल निर्यातक महासंघ (आईआरईएफ) ने बुधवार को बयान में कहा कि उसने तीन वैश्विक संस्थानों आईआरआरआई, ईवाई और एसएंडपी ग्लोबल को ‘नॉलेज पार्टनर’ बनाया है।
बयान के अनुसार, ‘‘इनकी भागीदारी से वैश्विक चावल उद्योग के लिए तेजी से महत्वपूर्ण होती जा रही विशेषज्ञता के तीन अलग-अलग क्षेत्रों को एक साथ लाया जा रहा है। इनमें वैज्ञानिक अनुसंधान और टिकाऊपन, बाजार एवं जिंस संबंधी जानकारी तथा कारोबारी रणनीति और बदलाव शामिल हैं।’’
महासंघ ने कहा कि इन तीनों संस्थानों के साथ साझेदारी उद्योग के लिए उपयोगी होगी, जो फिलहाल वैश्विक मांग में बदलाव, कीमतों में उतार-चढ़ाव, बदलती व्यापार नीतियों, बढ़ती लॉजिस्टिक लागत से जुड़ी चुनौतियों का सामना कर रहा है।
बीआईआरसी 2026 में चावल की पूरी मूल्य श्रृंखला के सामने मौजूद कुछ प्रमुख कारोबारी सवालों पर नौ समर्पित ज्ञान सत्र आयोजित किए जाएंगे।
इनमें वैश्विक मांग और आपूर्ति का परिदृश्य, कीमतों का पूर्वानुमान, बाजार के नए अवसर, भुगतान और ऋण जोखिम, ढुलाई, गुणवत्ता और प्रमाणन, व्यापार नीति तथा टिकाऊपन शामिल हैं।
आईआरआरआई, ईवाई और एसएंडपी ग्लोबल की आगामी वैश्विक सम्मेलन में भागीदारी से आंकड़ों और अनुसंधान पर आधारित दृष्टिकोण के साथ सार्थक चर्चा करने में मदद मिलेगी।
वैश्विक चावल अनुसंधान संस्थान के रूप में आईआरआरआई चावल उत्पादन, कृषि प्रणालियों, जलवायु अनुकूलन क्षमता और टिकाऊ तौर-तरीकों से जुड़ी वैज्ञानिक विशेषज्ञता उपलब्ध कराता है। इस तरह का ज्ञान खेत से कहीं आगे तक असर डालता है।
उत्पादन, उत्पादकता और टिकाऊपन में बदलाव का असर अंततः अंतरराष्ट्रीय बाजारों में चावल की उपलब्धता, गुणवत्ता, लागत और प्रतिस्पर्धात्मकता पर पड़ता है।
आईआरईएफ ने कहा कि इसका सीधा संबंध बीआईआरसी के कई ज्ञान सत्रों से है, जिनमें फसल सर्वेक्षण एवं कीमतों की विश्वसनीयता, टिकाऊपन और कार्बन क्रेडिट, लाभदायक चावल ‘मिलिंग’ तथा मूल्यवर्धित उत्पाद शामिल हैं।
चावल निर्यातकों और खरीदारों के लिए बाजार से जुड़ी जानकारी का महत्व लगातार बढ़ रहा है। चावल की कीमतें उत्पादन के अनुमान, मौसम, भंडार, सरकारी नीतियों, व्यापार प्रवाह, माल ढुलाई लागत, मुद्रा विनिमय दरों और आयातक देशों की मांग जैसे कई कारकों से प्रभावित होती हैं। इनमें से किसी एक कारक में बदलाव से किसी सौदे का आर्थिक पक्ष बदल सकता है।
इसलिए जिंस, बाजार संबंधी जानकारी, व्यापार और वैश्विक आर्थिक आंकड़ों में एसएंडपी ग्लोबल की विशेषज्ञता बीआईआरसी की चर्चाओं में बाजार का एक महत्वपूर्ण दृष्टिकोण जोड़ सकती है।
अनुसंधान एवं बाजार संबंधी जानकारी महत्वपूर्ण समझ उपलब्ध कराते हैं, लेकिन कारोबार के लिए अंतिम कसौटी यह है कि उस जानकारी को फैसलों में किस तरह बदला जाता है। यहीं ईवाई की कारोबारी और रणनीतिक विशेषज्ञता ज्ञान के एजेंडे में एक और महत्वपूर्ण स्तर जोड़ सकती है।
इसी तरह, जिंस के रूप में बिकने वाले चावल से प्रसंस्कृत या ब्रांडेड उत्पादों की ओर बढ़ने के लिए निवेश, मार्जिन, उपभोक्ता मांग और विस्तार की क्षमता का आकलन करना जरूरी है।
आईआरआरआई, एसएंडपी ग्लोबल और ईवाई को बीआईआरसी के ज्ञान ढांचे में शामिल करने का महत्व उनकी विशेषज्ञताओं के एक-दूसरे की पूरक होने में है
आईआरआरआई विज्ञान एवं अनुसंधान का दृष्टिकोण लाता है। एसएंडपी ग्लोबल बाजार और जिंस संबंधी जानकारी उपलब्ध कराता है। ईवाई कारोबारी और रणनीतिक दृष्टिकोण प्रदान करता है। इन तीनों दृष्टिकोणों को साथ लाने से उत्पादन तथा टिकाऊपन से लेकर वैश्विक बाजारों और अंततः कारोबारी फैसलों तक ज्ञान की एक पूरी श्रृंखला तैयार हो सकती है।
भाषा निहारिका मनीषा
मनीषा
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