नयी दिल्ली, एक मई (भाषा) सरकार, पश्चिम एशिया संकट से उत्पन्न वित्तीय दबाव के बावजूद वह चालू वित्त वर्ष के बजट में निर्धारित 12.22 लाख करोड़ रुपये के पूंजीगत व्यय को जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
व्यय सचिव वी. वुअलनाम ने शुक्रवार को कहा कि आने वाले कुछ महीने, अगली तिमाही और पूरा वर्ष कई संभावित दबाव बिंदुओं के कारण काफी चुनौतीपूर्ण रह सकता है।
उन्होंने अशोका विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित ‘आईसीपीपी ग्रोथ कॉन्फ्रेंस’ में कहा, ‘‘ वित्तीय दबाव वास्तविक है लेकिन प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में पूंजीगत व्यय एक प्रमुख मद रहेगा जिसे हम संरक्षित रखना और बजट स्तर पर बनाए रखना चाहते हैं।’’
उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2026-27 के पूंजीगत व्यय के लिए राजमार्ग, रेलवे, जहाजरानी, बंदरगाह और शहरी विकास प्रमुख क्षेत्र होंगे।
व्यय सचिव ने साथ ही कहा कि वर्तमान वैश्विक अनिश्चितताओं ने भारत के सामने ‘‘बेहद चुनौतीपूर्ण स्थिति’’ उत्पन्न कर दी है, लेकिन सरकार हर स्थिति से निपटने के लिए सक्रिय एवं मजबूत रुख अपना रही है।
उन्होंने कहा कि भारत की वित्तीय सूझबूझ ने मौजूदा अनिश्चित समय में देश को बहुत अच्छी स्थिति में रखा है।
भाषा निहारिका
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