नयी दिल्ली, 30 सितंबर (भाषा) इक्विटास स्मॉल फाइनेंस बैंक के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) पी. एन. वासुदेवन के इस्तीफा देने के बाद पिछले दो कारोबारी सत्रों में बैंक के शेयर 27 प्रतिशत से अधिक टूट गए।
सीईओ ने हितों के कथित रूप से टकराव के बीच इस्तीफा दिया था।
बैंक ने शेयर बाजार को दी सूचना में कहा कि बृहस्पतिवार को हुई निदेशक मंडल की बैठक में उनके इस्तीफे पर विचार किया गया और उसे स्वीकार कर लिया गया।
हालांकि, वासुदेवन अपने उत्तराधिकारी के कार्यभार संभालने तक पद पर बने रहने के लिए सहमत हो गए हैं, ताकि बैंक का कामकाज और दीर्घकालिक योजनाएं प्रभावित न हों।
निदेशक मंडल ने नामांकन एवं पारिश्रमिक समिति को आंतरिक और बाहरी, दोनों स्तरों पर उपयुक्त उम्मीदवारों की पहचान कर उनके नाम पर विचार तथा मंजूरी के लिए सिफारिश करने को कहा है।
इक्विटास स्मॉल फाइनेंस बैंक के शेयर प्रबंध निदेशक एवं सीईओ के इस्तीफे के बाद बृहस्पतिवार को 20 प्रतिशत के निचले स्तर को छूकर 52.04 रुपये प्रति शेयर पर आ गए। हालांकि, बाद में कुछ नुकसान की भरपाई करते हुए बीएसई पर 12.39 प्रतिशत की गिरावट के साथ 56.99 रुपये प्रति शेयर पर बंद हुए।
कंपनी ने बताया कि शुक्रवार को गिरावट के साथ कारोबार शुरू करने के बाद शेयर 47.26 रुपये के दिन के निचले स्तर तक पहुंच गए। इसके साथ ही लगातार दो कारोबारी सत्रों में शेयर 27.34 प्रतिशत टूट गए।
हालांकि, बाद में शेयरों ने कुछ नुकसान की भरपाई की और 6.26 प्रतिशत की गिरावट के साथ 53.42 रुपये प्रति शेयर पर बंद हुए।
वासुदेवन 2007 में एक सूक्ष्म वित्त संस्थान के रूप में शुरुआत के समय से ही इक्विटास से जुड़े रहे हैं। उन्होंने 2016 में इसे लघु वित्त बैंक में बदलने की प्रक्रिया में अहम भूमिका निभाई थी।
इक्विटास स्मॉल फाइनेंस बैंक के चेयरमैन अनिल शर्मा को लिखे इस्तीफे में वासुदेवन ने कहा कि उनकी बेटी के एक गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (एनबीएफसी) की सह-प्रवर्तक होने के कारण हितों के टकराव की आशंका बनी हुई थी।
भाषा यासिर रमण
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