पणजी, 25 जुलाई (भाषा) गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने शनिवार को कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा उनके चार दशक लंबे सार्वजनिक जीवन में दिखाई गई जिम्मेदारी और जवाबदेही की भावना का ही परिचायक है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) को लागू करने में धर्मेंद्र प्रधान के नेतृत्व की देश की शिक्षा व्यवस्था पर स्थायी छाप रहेगी।
धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा जंतर-मंतर पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के नेतृत्व में जारी विरोध प्रदर्शन के बीच आया।
प्रदर्शनकारी राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट)-यूजी 2026 प्रश्नपत्र लीक, केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की ऑन-स्क्रीन मूल्यांकन प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर उनकी जवाबदेही तय करने और परीक्षाओं के संचालन में व्यापक सुधार की मांग कर रहे हैं।
सावंत ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि छात्र राजनीति से सार्वजनिक जीवन की शुरुआत करने के बाद केंद्रीय मंत्री के रूप में विभिन्न जिम्मेदारियां निभाते हुए प्रधान ने ‘‘दृढ़ विश्वास और अथक ऊर्जा’’ के साथ देश की सेवा की।
उन्होंने कहा, ‘‘श्री धर्मेंद्र प्रधान जी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा दिया है। यह फैसला उनके चार दशक लंबे सार्वजनिक जीवन में दिखाई गई जिम्मेदारी की उसी भावना को दर्शाता है।’’
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा मंत्रालय का कार्यभार संभालने से पहले पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय का नेतृत्व करते हुए प्रधान ने महत्वपूर्ण योगदान दिया और उज्ज्वला योजना का लाभ करोड़ों परिवारों तक पहुंचाया।
सावंत ने कहा, ‘‘छात्र राजनीति से लेकर पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय का नेतृत्व करने, उज्ज्वला योजना का लाभ करोड़ों घरों तक पहुंचाने और बाद में शिक्षा मंत्रालय का नेतृत्व करने तक प्रधान ने दृढ़ विश्वास और अथक ऊर्जा के साथ राष्ट्र की सेवा की।’’
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘मैं प्रधान जी की समर्पित सेवाओं के लिए उनका आभार व्यक्त करता हूं।’’
उन्होंने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में धर्मेंद्र प्रधान ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य की दिशा में आगे भी अपना योगदान देते रहेंगे।
भाषा रवि कांत नेत्रपाल
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