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Thursday, 25 June, 2026
होमदेशअमृतसर लैंडिंग के दौरान एयर इंडिया का विमान कुछ समय के लिए पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र में पहुंचा, जांच शुरू

अमृतसर लैंडिंग के दौरान एयर इंडिया का विमान कुछ समय के लिए पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र में पहुंचा, जांच शुरू

अमृतसर के एयर ट्रैफिक कंट्रोलर और ऑपरेटिंग क्रू के खिलाफ अंतरिम कार्रवाई शुरू की गई है. कार्रवाई 'हवाई क्षेत्र में घुसपैठ' की रिपोर्ट न करने पर हुई है, न कि विमान को प्रतिबंधित क्षेत्र की ओर ले जाने के लिए.

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नई दिल्ली: नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने जांच के आदेश दिए हैं, क्योंकि दिल्ली से अमृतसर जा रही एयर इंडिया की एक उड़ान बुधवार को अमृतसर हवाई अड्डे पर उतरने की प्रक्रिया के दौरान कुछ समय के लिए पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र में चली गई थी. यह घटना ऐसे समय में हुई है जब कुछ दिन पहले ही पाकिस्तान जाने वाली तीन वाणिज्यिक उड़ानें खराब मौसम के कारण हवाई क्षेत्र संबंधी प्रतिबंधों के बावजूद भारतीय हवाई क्षेत्र में प्रवेश कर गई थीं.

बुधवार को जारी बयान में विमानन नियामक ने कहा कि एयर इंडिया की उड़ान AI-479, जिसे एयरबस A321 विमान (VT-PPV) संचालित कर रहा था, को अमृतसर हवाई अड्डे के पास होल्ड पर रहने के निर्देश दिए गए थे. रनवे पर पक्षी से टकराने (बर्ड स्ट्राइक) की घटना के बाद निरीक्षण किया जा रहा था.

DGCA ने बताया कि जब विमान को दोबारा एप्रोच की अनुमति दी गई, तो एयर ट्रैफिक कंट्रोलरों के निर्देशों के अनुसार रडार वेक्टरिंग के दौरान वह कुछ समय के लिए पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र में प्रवेश कर गया. यह पूरी प्रक्रिया पाकिस्तान के एयर ट्रैफिक कंट्रोल अधिकारियों के साथ समन्वय में हुई. इसके बाद विमान को वापस दिल्ली भेज दिया गया, जहां वह सुरक्षित रूप से उतर गया.

अमृतसर के एयर ट्रैफिक कंट्रोलर और विमान संचालन कर रहे क्रू के खिलाफ घटना की रिपोर्ट न करने पर अंतरिम कार्रवाई शुरू की गई है. यह कार्रवाई विमान को प्रतिबंधित क्षेत्र में ले जाने के लिए नहीं की गई है. हालांकि, DGCA ने यह नहीं बताया कि कार्रवाई का स्वरूप क्या है.

एयर इंडिया ने भी घटना की पुष्टि की और कहा कि अमृतसर में गो-अराउंड प्रक्रिया के दौरान विमान ने पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र का “मामूली उल्लंघन” किया था.

एयरलाइन के प्रवक्ता ने कहा, “22 जून को दिल्ली से अमृतसर जा रही उड़ान AI479 का संचालन कर रहे क्रू ने अमृतसर हवाई अड्डे पर गो-अराउंड करते समय मामूली रूप से पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र में प्रवेश किया था. इस घटना की जानकारी नियामक अधिकारियों को दे दी गई है और एयर इंडिया स्तर पर भी इसकी आंतरिक जांच की जा रही है. एयर इंडिया में यात्रियों और क्रू की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है.”

DGCA अब उन घटनाओं की पूरी श्रृंखला की जांच करेगा, जिनकी वजह से यह हवाई क्षेत्र उल्लंघन हुआ और यह भी देखा जाएगा कि फ्लाइट क्रू और एयर ट्रैफिक कंट्रोल अधिकारियों ने तय रिपोर्टिंग और संचालन प्रक्रियाओं का पालन किया था या नहीं.

सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि भले ही दोनों देशों ने एक-दूसरे की एयरलाइनों के लिए अपना हवाई क्षेत्र बंद कर रखा हो, लेकिन यात्रियों की सुरक्षा से जुड़ी गंभीर परिस्थितियों में विमानन अधिकारी आपस में संपर्क कर सकते हैं.

नाम न बताने की शर्त पर अधिकारी ने कहा, “ऐसी स्थितियों में यात्रियों और क्रू की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता होती है. ज़रूरत पड़ने पर नागरिक उड्डयन अधिकारी आपस में समन्वय करते हैं, हालांकि ऐसे मामले बहुत कम होते हैं.”

एयर इंडिया की यह घटना ऐसे समय में सामने आई है, जब दो हफ्ते से भी कम समय पहले लाहौर से जुड़ी कम से कम तीन वाणिज्यिक उड़ानें पाकिस्तान के पंजाब क्षेत्र में खराब मौसम से बचने के दौरान कुछ समय के लिए भारतीय हवाई क्षेत्र में प्रवेश कर गई थीं.

फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, 12 जून को लाहौर-दुबई उड़ान, फ्लाई जिन्नाह की लाहौर-जेद्दा उड़ान और एयर सियाल की दम्माम-लाहौर सेवा भारतीय हवाई क्षेत्र में पहुंच गई थीं.

ये घटनाएं ऐसे समय में हुई हैं जब अप्रैल 2025 के पहलगाम आतंकी हमले और उसके बाद मई में हुए चार दिन के संघर्ष के कारण भारत और पाकिस्तान ने एक-दूसरे की एयरलाइनों के लिए अपना हवाई क्षेत्र बंद कर रखा है.

फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स (FIP) के अध्यक्ष और पूर्व पायलट सी. एस. रंधावा ने कहा कि विशेष परिस्थितियों को छोड़कर किसी विमान को बिना अनुमति दूसरे देश के हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने की इज़ाज़त नहीं होती.

उन्होंने दिप्रिंट से कहा, “इन नियमों को तोड़ने के लिए नहीं बनाया गया है. अगर किसी विमान को दूसरे देश के हवाई क्षेत्र में जाना है, तो संबंधित एयर ट्रैफिक कंट्रोल प्राधिकरण से अनुमति लेना जरूरी है. विमान में आग लगने या किसी अन्य गंभीर आपात स्थिति में अनुमति दी जा सकती है. लेकिन सामान्य परिस्थितियों में विमान को दूसरे देश के क्षेत्र में नहीं ले जाया जा सकता. इसकी अनुमति नहीं है और यह उचित भी नहीं है.”

उन्होंने कहा कि प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र में किसी नागरिक विमान का प्रवेश भी सुरक्षा चिंताओं को जन्म दे सकता है.

उन्होंने कहा, “दोनों देशों ने एक-दूसरे के लिए अपना हवाई क्षेत्र बंद कर रखा है. ऐसे में एक नागरिक विमान को भी संभावित खतरे के रूप में देखा जा सकता है. अधिकारियों को हर ऐसी गतिविधि का सावधानी से आकलन करना पड़ता है. ये संवेदनशील मामले हैं और प्रक्रियाएं किसी कारण से बनाई गई हैं.”

(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)


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