इंदौर, 28 अक्टूबर (भाषा) मध्यप्रदेश के देवास जिले में कथित तौर पर जहरीली शराब से कई लोगों की मौत के बाद पुलिस ने खुलासा किया है कि गिरफ्तार आरोपियों में से एक व्यक्ति ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की मदद से घर में शराब बनाने का तरीका खोजा और रसायन तथा पानी मिलाकर नकली शराब तैयार की। एक अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी।
पुलिस के अनुसार आरोपियों ने रसायनयुक्त नकली शराब लाइसेंसी शराब की बोतलों में मिलाकर खासकर ग्रामीण इलाकों में बेची।
देवास के कोतवाली थाना प्रभारी शशिकान्त चौरसिया ने बताया कि पुलिस ने अवैध मदिरा बेचने के आरोप में सोमवार को मामला दर्ज करते हुए 10 लोगों को गिरफ्तार किया था और उनके कब्जे से देशी शराब की छह पेटियां बरामद की थीं।
उन्होंने बताया कि आरोपियों से पूछताछ और जांच के दौरान नकली शराब तैयार किए जाने और उसकी बिक्री के बारे में पता चला।
चौरसिया के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों में शामिल अजय राठौर घर में शराब बनाने की प्रक्रिया के बारे में सितंबर से एआई के जरिये लगातार जानकारी खोज रहा था और इसके बाद उसने इंदौर की एक निजी फर्म के माध्यम से रसायन मंगवाया।
थाना प्रभारी ने इस रसायन के नाम का खुलासा नहीं किया।
चौरसिया ने बताया कि राठौर ने दो से सात अक्टूबर के बीच कबाड़ियों से लाइसेंसी शराब की खाली बोतलें हासिल कीं और रसायन और पानी मिलाकर घर में नकली शराब तैयार की तथा इस काम में अन्य आरोपियों ने भी उसकी मदद की।
थाना प्रभारी के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों में देवास और इंदौर जिलों की तीन लाइसेंसी शराब दुकानों के दो प्रबंधक और दो सेल्समैन शामिल हैं जिन्होंने राठौर व अन्य लोगों को असली शराब की अवैध तौर पर आपूर्ति की।
उन्होंने बताया, ‘‘शुरुआती जांच और पूछताछ में पता चला है कि आरोपियों ने घर में रसायन के इस्तेमाल से बनाई गई नकली शराब को असली शराब में मिलाया। इस मिलावटी शराब को छह अक्टूबर से 12 अक्टूबर के बीच स्थानीय लोगों को बेचने के तथ्य सामने आए हैं।’’
चौरसिया ने बताया कि नकली शराब तैयार करके बेचे जाने पर पुलिस ने प्राथमिकी में आबकारी अधिनियम के संबंधित प्रावधानों को जोड़ा है।
थाना प्रभारी ने बताया कि इंदौर के जिस निजी फर्म के गोदाम से भेजे गए रसायन का नकली शराब बनाने में इस्तेमाल किया गया था, उसे सील कर दिया गया है।
चौरसिया ने बताया कि दो मृतकों के विसरा नमूनों और बरामद शराब सहित अन्य सामग्री को अपराध विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) भेजा गया है।
उन्होंने बताया कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही इनकी मौत के कारण की पुष्टि हो सकेगी।
थाना प्रभारी के मुताबिक मामले में लाइसेंसी शराब दुकान के दो अन्य कर्मचारियों की भी भूमिका के बारे में पता चला है और उनकी तलाश जारी है।
ग्रामीणों का कहना है कि देवास जिले में चंदाना, बिंजाना और आस-पास के इलाकों में 27 सितंबर से 16 अक्टूबर के बीच कथित तौर पर जहरीली शराब पीने से कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने दावा किया है कि इन इलाकों में पिछले एक महीने में जहरीली शराब पीने से 22 लोगों की मौत हुई और कम से कम 40 लोगों की आंखों की रोशनी प्रभावित हुई।
जहरीली शराब से लोगों की मौत के दावों को जिला प्रशासन ने शुरुआत में सिरे से खारिज कर दिया था।
हालांकि, विवाद बढ़ने के बाद राज्य सरकार ने जांच के लिए पांच सदस्यों वाला उच्चस्तरीय दल गठित किया जिसने छानबीन शुरू कर दी है।
भाषा हर्ष वैभव
वैभव
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