नयी दिल्ली, तीन नवंबर (भाषा) केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने मंगलवार को दिल्ली-एनसीआर के वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए सितंबर से लागू किए गए कई उपायों पर प्रकाश डाला, जिसमें पंजाब और हरियाणा में पराली जलाने की घटनाओं में आई कमी भी शामिल है। हालांकि, राष्ट्रीय राजधानी की वायु गुणवत्ता और बिगड़कर ‘बहुत खराब’ श्रेणी में पहुंच गई है।
मंगलवार को दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) बढ़कर 348 पर पहुंच गया, जबकि दो नवंबर को यह 324 और एक नवंबर को 261 था।
यादव ने संवाददाताओं को बताया कि 15 सितंबर से 1 नवंबर तक, पंजाब में पराली जलाने की 1,514 घटनाएं दर्ज की गईं, जबकि 2025 में यह संख्या 2,084 थी, जो कि 38 प्रतिशत की कमी है। वहीं हरियाणा में 118 के मुकाबले 42 घटनाएं दर्ज की गईं, जो 64 प्रतिशत की गिरावट को दर्शाता हैं।
मंत्री के अनुसार, सितंबर से लागू किए गए उपायों में पराली जलाने को पूरी तरह से खत्म करने, यातायात जाम को कम करने और सड़कों की धूल के प्रबंधन जैसे लक्ष्यों के साथ वर्ष 2026 के लिए राज्य-केंद्रित कार्य योजनाएं तैयार करना और उनका कार्यान्वयन शामिल है। इसके अलावा, 34 हॉटस्पॉट (अत्यधिक प्रभावित) जिलों की पहचान की गई है और नियमों को लागू करने के लिए उड़नदस्तों व ड्रोन को तैनात किया गया है।
यादव ने कहा कि धान की पराली का खेत से बाहर अन्यत्र उपयोग 2023 से दोगुना हो गया है; जिसमें मुख्य रूप से औद्योगिक बॉयलर, बायोमास विद्युत संयंत्र, ताप विद्युत संयंत्र में ‘को-फायरिंग’, सीबीजी संयंत्र और ईंट भट्टों के माध्यम से पंजाब में यह उपयोग 3.66 मीट्रिक टन से बढ़कर 7.89 मीट्रिक टन और हरियाणा में 1.32 मीट्रिक टन से बढ़कर 2.71 मीट्रिक टन हो गया है।
उन्होंने उल्लेख किया कि ‘परिवर्तन’ योजना के तहत, दिल्ली-एनसीआर में बीएस-6 से पहले के ट्रकों और बसों को जुलाई 2028 तक बीएस-6, सीएनजी या इलेक्ट्रिक वाहनों से बदला जाना है।
इसके अलावा, यादव के अनुसार, एनसीआर से लगे अन्य राज्यों के हिस्सों में 8,172 सिटी ई-बसें तैनात की गई हैं और 15,072 चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए हैं। दिल्ली में 6,949 ई-बसों की सेवा ली जा रही है, जिनमें 1,750 सीएनजी बसें शामिल हैं, और 22,637 चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए हैं।
यातायात जाम के बारे में मंत्री ने कहा कि पूरे एनसीआर में जाम के 233 स्थानों की पहचान की गई है, जिनमें हरियाणा में सबसे अधिक 121, इसके बाद दिल्ली में 62, राजस्थान में 28 और उत्तर प्रदेश में 22 स्थान हैं। दिल्ली ने अपने 62 स्थानों में से 39 को जाम-मुक्त कर दिया है, जबकि हरियाणा ने 121 में से 46 स्थानों की समस्या का समाधान किया है।
भाषा वैभव नरेश
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