नई दिल्ली: दिल्ली हाईकोर्ट आज जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल से उनकी पसंद के निजी अस्पताल में शिफ्ट करने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई करेगा. यह अपील उनकी पत्नी डॉ. गीतांजलि जे. आंगमो ने सिंगल जज के उस आदेश के खिलाफ दायर की है, जिसमें वांगचुक को निजी अस्पताल भेजने की अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया गया था.
मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस कारिया की खंडपीठ ने मामले की तत्काल सुनवाई की मांग स्वीकार करते हुए इसे आज दोपहर 2:30 बजे सुनने पर सहमति जताई.
याचिका में कहा गया है कि सिंगल जज का आदेश वांगचुक के शारीरिक स्वायत्तता, इलाज के लिए सहमति देने के अधिकार और व्यक्तिगत स्वतंत्रता जैसे मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करता है. इसमें यह भी कहा गया है कि वांगचुक और उनके परिवार को इलाज और अस्पताल चुनने का अधिकार मिलना चाहिए.
इससे पहले 19 जुलाई को सिंगल जज ने यह कहते हुए राहत देने से इनकार कर दिया था कि वांगचुक की बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए सरकार ने उनकी जान बचाने के लिए उन्हें सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया था और इसमें प्रथम दृष्टया किसी अधिकार का उल्लंघन नहीं दिखता. कोर्ट ने केंद्र सरकार से 24 जुलाई तक स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने को भी कहा है.
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