(फोटो के साथ)
नयी दिल्ली, 27 फरवरी (भाषा) केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने आबकारी नीति से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले में गिरफ्तार किये गये दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को सोमवार को यहां एक अदालत में पेश किया और उन्हें पांच दिन की हिरासत में सौंपने का अनुरोध किया।
विशेष न्यायाधीश एम.के. नागपाल के समक्ष पेश किये गए सिसोदिया ने दावा किया कि उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं है और उनकी रिमांड से संबंधित सीबीआई के अनुरोध का विरोध किया।
जांच एजेंसी के वकील ने दलील दी कि गिरफ्तार किये गये उपमुख्यमंत्री को हिरासत में लेकर मामले में पूछताछ करने की जरूरत है।
सीबीआई ने कहा कि सिसोदिया ने दावा किया है कि मामले में उनकी कोई भूमिका नहीं है, लेकिन जांच से यह पता चला कि उन्होंने व्यक्तिगत रूप से फैसले लिये थे।
सिसोदिया के वकील ने हिरासत में सौंपने संबंधी जांच एजेंसी के अनुरोध का विरोध करते हुए दलील दी कि सीबीआई ने कहा है कि उन्होंने अपने मोबाइल फोन बदले थे, लेकिन यह अपराध नहीं है।
वकील ने कहा कि नीति का क्रियान्वयन दिल्ली के उपराज्यपाल से सुझाव लेने के बाद किया गया था और चूंकि इसके लिए परामर्श की जरूरत थी, इसलिए साजिश की कोई गुंजाइश नहीं थी।
उन्होंने कहा, ‘‘मैंने सब चीज खुला रखने की कोशिश की।’’
इससे पहले, सीबीआई सिसोदिया को कड़ी सुरक्षा के बीच राउज एवेन्यू अदालत लाई। अदालत परिसर के अंदर और बाहर भारी संख्या में सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया गया था।
सीबीआई ने 2021-22 की आबकारी नीति (अब रद्द की जा चुकी) को लागू करने में कथित भ्रष्टाचार को लेकर रविवार शाम सिसोदिया को गिरफ्तार किया था।
भाषा सुभाष दिलीप
दिलीप
यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.