नयी दिल्ली, 30 अक्टूबर (भाषा) सर्दियों के दस्तक देने के साथ राष्ट्रीय राजधानी में प्रदूषण का चरम दौर भी शुरू हो गया है, लेकिन मौसम और हवा की गुणवत्ता के मामले में इस महीने कई रिकॉर्ड बने हैं। दिल्ली में पिछले एक दशक से भी ज़्यादा समय में सबसे साफ़ हवा वाला अक्टूबर, चार साल में सबसे ज़्यादा बारिश वाला अक्टूबर और 2011 के बाद से सबसे ठंडा अक्टूबर दिन दर्ज किया गया है।
‘सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर’ (सीआरईए) के एक विश्लेषण के अनुसार, इस अक्टूबर में दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 167 दर्ज किया गया, जो 2015 के बाद से इस महीने में सबसे कम है।
शहर में पिछले चार साल में अक्टूबर का यह महीना सबसे ज़्यादा बारिश वाला रहा। 30 अक्टूबर की सुबह 8.30 बजे तक कुल 123.3 मिलीमीटर (मिमी) बारिश दर्ज की गई, जो 1954 के बाद से चौथी सबसे ज़्यादा बारिश है। इससे पहले, दिल्ली में अक्टूबर के महीने में इससे ज़्यादा बारिश 2022 में हुई थी, जब 128 मिमी बारिश दर्ज की गई थी।
शहर में अक्टूबर के महीने में आम तौर पर 15.1 मिमी बारिश होती है।
अक्टूबर के लिए औसत न्यूनतम और अधिकतम तापमान क्रमशः 20.7 डिग्री सेल्सियस और 32.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
आंकड़ों के अनुसार, 30 अक्टूबर को अधिकतम तापमान 20.7 डिग्री सेल्सियस रहा। यह 1951 के बाद से सफदरजंग वेधशाला में अक्टूबर के महीने में दर्ज किया गया सबसे ठंडा दिन है।
शुक्रवार को एक्यूआई 60 दर्ज किया गया, जो 10 अक्टूबर 2022 (जब एक्यूआई 44 था) के बाद से अक्टूबर का सबसे साफ दिन रहा। इस अक्टूबर में सबसे ज्यादा एक्यूआई 245 दर्ज किया गया, जो 2015 के बाद से किसी भी अक्टूबर महीने का सबसे कम उच्चतम स्तर है।
अक्टूबर में औसत एक्यूआई 2026 में 167, 2025 में 223, 2024 में 234, 2023 में 219, 2022 में 210 और 2015 में 264 रहा।
जनवरी से अक्टूबर के बीच दिल्ली का औसत एक्यूआई 168 रहा। 2020 (जब यह 156 था) के बाद से, इस अवधि के लिए यह सबसे कम स्तर है। इस विश्लेषण में 2015 से अब तक के उपलब्ध आंकड़े शामिल हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि भारत का राष्ट्रीय वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) सितंबर 2014 में शुरू किया गया था, जिसके कारण इसके शुरू होने से पहले की अवधि के तुलनात्मक आंकड़े उपलब्ध नहीं हैं।
अक्टूबर में अब तक शहर में पांच दिन ‘खराब’, तीन दिन ‘संतोषजनक’ और 22 दिन ‘मध्यम’ वायु गुणवत्ता दर्ज की गई है। 21 अक्टूबर को एक्यूआई 245 तक पहुंचने पर वायु गुणवत्ता ‘खराब’ श्रेणी में पहुंच गई।
वर्ष 2015 के बाद यह पहली बार है जब दिल्ली की वायु गुणवत्ता अक्टूबर के दूसरे पखवाड़े में ‘खराब’ श्रेणी में पहुंची है। पिछले वर्षों में, शहर का एक्यूआई महीने के पहले पखवाड़े में ‘खराब’ श्रेणी में पहुंचता था।
सीआरईए के मनोज कुमार ने वायु गुणवत्ता मानकों पर मौसम संबंधी प्रभावों की ओर इशारा करते हुए कहा, ‘‘अक्टूबर 2026 में दिल्ली का औसत एक्यूआई पूर्व के अक्टूबर महीनों की तुलना में कुछ कम रहा, हालांकि यह सितंबर 2026 के औसत एक्यूआई से 1.5 गुना अधिक रहा।’’
चरणबद्ध प्रतिक्रिया कार्य योजना (ग्रैप) लागू होने से पहले ही एक्यूआई काफी कम था, और 30 अक्टूबर को यह घटकर 60 पर आ गया। इसी दौरान सफदरजंग में 61.4 मिमी बारिश भी हुई। इससे यह पता चलता है कि हवा की गुणवत्ता में सुधार का श्रेय केवल ग्रैप उपायों को देने से पहले, मौसम संबंधी प्रभावों पर भी विचार करना जरूरी है।
शुक्रवार सुबह 8.30 बजे तक के 24 घंटों में दिल्ली में 61.4 मिमी बारिश दर्ज की गई। यह पिछले चार साल में अक्टूबर का सर्वाधिक बारिश वाला दिन रहा, और 1951 के बाद से अक्टूबर का छठा सर्वाधिक बारिश वाला दिन है। इससे पहले, अक्टूबर में शहर में इससे ज़्यादा दैनिक बारिश 9 अक्टूबर 2022 को दर्ज की गई थी, जब 74 मिमी बारिश हुई थी।
अलग-अलग मौसम केंद्रों की बात करें तो, सफदरजंग में 15.1 मिमी की सामान्य मासिक बारिश के मुकाबले 123.3 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य से 108.2 मिमी या लगभग 717 प्रतिशत ज़्यादा है। पालम में 12.7 मिमी की सामान्य बारिश के मुकाबले 85.7 मिमी बारिश हुई, जो सामान्य से 73 मिमी या लगभग 575 प्रतिशत ज़्यादा है।
लोधी रोड पर 15.1 मिमी की सामान्य बारिश के मुकाबले 130.6 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो कि सामान्य से 115.5 मिमी या लगभग 765 प्रतिशत अधिक है। रिज क्षेत्र में 11.8 मिमी की सामान्य बारिश के मुकाबले 126.7 मिमी बारिश हुई, जो कि सामान्य से 114.9 मिमी या लगभग 974 प्रतिशत अधिक है। अयानगर में 13.8 मिमी की सामान्य बारिश के मुकाबले 104 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो कि सामान्य से 90.2 मिमी या लगभग 654 प्रतिशत अधिक है।
भाषा सुभाष नेत्रपाल
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