कोच्चि, 22 अक्टूबर (भाषा) केरलम की एक अदालत ने बृहस्पतिवार को बोर्स्टल स्कूल के अधीक्षक की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें यहां नेदुंबस्सेरी में मिनी कूपर कार दुर्घटना के मुख्य आरोपी को केंद्रीय जेल में स्थानांतरित करने की मांग की गई थी। इस दुर्घटना में तीन युवाओं की मौत हो गई थी।
अंगमाली की न्यायिक प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट संयुक्ता एम. के. ने कक्कनाड स्थित बोर्स्टल स्कूल के अधीक्षक की याचिका खारिज कर दी। इस स्कूल में 18 से 21 वर्ष की उम्र के कैदियों को रखा जाता है। याचिका में सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए मिनी कूपर दुर्घटना के मुख्य आरोपी सुहैल को केंद्रीय जेल में स्थानांतरित करने की मांग की गई थी।
याचिका में आरोपी के बोर्स्टल स्कूल में बने रहने को लेकर सुरक्षा संबंधी चिंताओं का हवाला दिया गया था।
हालांकि, मजिस्ट्रेट ने याचिका की जांच करने के बाद इसे खारिज कर दिया।
सुहैल को बोर्स्टल स्कूल में रखे जाने के फैसले की पहले भी आलोचना हुई थी।
सुहैल (19) पर आरोप है कि वह 11 अक्टूबर की तड़के नेदुंबस्सेरी में हवाई अड्डा मार्ग पर कार चला रहा था, तभी उसने एक स्कूटर को टक्कर मार दी।
पुलिस ने कार में सवार तीन अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, कार में सवार लोग नशे में धुत थे और कथित तौर पर वाहन 100 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक की रफ्तार से चलाया जा रहा था।
इस बीच, पांच सदस्यीय जांच दल ने बृहस्पतिवार सुबह वायनाड के कलपेट्टा की रहने वाली देविका के घर का दौरा किया। देविका इस दुर्घटना में जान गंवाने वाले तीन लोगों में से एक थीं।
अधिकारियों ने बताया कि जांच दल ने देविका के परिवार के सदस्यों के बयान दर्ज किए और एक घंटे से अधिक समय तक उनसे बातचीत की।
परिवार के सदस्यों ने दुर्घटना के बाद संवाददाताओं से कहा था कि उन्हें उम्मीद है कि उन्हें न्याय मिलेगा और जांचकर्ताओं ने मामले में सभी महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटा लिए हैं।
हाल ही में, मजिस्ट्रेट अदालत ने आरोपियों की जमानत याचिकाएं खारिज कर दी थीं। इसके बाद उन्होंने एर्नाकुलम जिला प्रधान सत्र न्यायालय में नयी जमानत याचिकाएं दायर की हैं।
भाषा तान्या वैभव
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