बेंगलुरु, 31 अक्टूबर (भाषा) कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) ने राज्य में कांग्रेस नेताओं को निशाना बनाकर किए गए स्टिंग ऑपरेशन में कथित संलिप्तता को लेकर पार्टी की पूर्व महासचिव कृपा अल्वा को तत्काल प्रभाव से छह साल के लिए निष्कासित कर दिया है।
केपीसीसी के उपाध्यक्ष एम. नारायणस्वामी की ओर से जारी निष्कासन आदेश में कहा गया है कि इस विवाद के कारण मीडिया में नकारात्मक प्रचार और प्रतिक्रियाओं से पार्टी को शर्मिंदगी उठानी पड़ी है।
इसमें कहा गया है, ‘‘इस स्टिंग ऑपरेशन मामले में आपका नाम सामने आया है और इस मामले में आपका आचरण पार्टी विरोधी गतिविधियों के समान है इसलिए, केपीसीसी अध्यक्ष के निर्देश पर आपको तत्काल प्रभाव से छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित किया जाता है।’’
इसमें कहा गया है कि घटना में कथित संलिप्तता को लेकर स्पष्टीकरण मांगते हुए अल्वा को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था, लेकिन उन्होंने अब तक कोई जवाब या स्पष्टीकरण नहीं दिया है।
पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने इस ‘अपमानजनक वीडियो’ के पीछे अल्वा का हाथ होने का आरोप लगाया था। उन्होंने मीडिया संस्थानों द्वारा वीडियो के प्रसारण और प्रकाशन पर रोक लगाने के लिए अदालत से निषेधाज्ञा भी प्राप्त की है।
सिद्धरमैया के खिलाफ अपमानजनक सामग्री वाले कथित स्टिंग ऑपरेशन की जांच करने वाली बेंगलुरु पुलिस ने बृहस्पतिवार को कहा कि यौन शोषण का आरोप एक ‘मनगढ़ंत और जानबूझकर तैयार की गई कहानी’ का हिस्सा है।
पुलिस ने कहा कि एकत्र किए गए बयानों और साक्ष्यों से वीडियो में बताए गए ऐसे किसी भी घटनाक्रम की पुष्टि नहीं होती है।
भाषा गोला रंजन
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