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Tuesday, 27 October, 2026
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अमित शाह मानहानि मामले में शिकायतकर्ता पीड़ित पक्ष नहीं, कानूनी उपाय नहीं तलाश सकते: अदालत

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सुलतानपुर/लखनऊ, 27 अक्टूबर (भाषा) उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर की एक विशेष अदालत ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ कथित मानहानिकारक टिप्पणी से जुड़े मामले में बरी करते हुए कहा कि शिकायतकर्ता पीड़ित नहीं है और न ही उसे कानूनी उपाय तलाशने का अधिकार है क्योंकि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने उसे ऐसा करने के लिए अधिकृत नहीं किया है।

सांसद-विधायक (एमपी/एमएलए) अदालत ने सोमवार को दिए गए 49 पृष्ठों के फैसले में कहा कि मामले की विशिष्ट कानूनी और राजनीतिक पृष्ठभूमि को देखते हुए राहुल गांधी का कथित बयान प्रथम दृष्टया ‘मानहानिकारक’ नहीं था।

यह मामला भाजपा नेता विजय मिश्रा ने दर्ज कराया था।

अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट शुभम वर्मा ने मिश्रा की दलील को खारिज कर दिया कि भाजपा पदाधिकारी होने के नाते उन्हें शिकायत दर्ज कराने का अधिकार है।

उन्होंने कहा, “कानूनी और तथ्यात्मक स्थिति स्पष्ट है कि भाजपा ने उन्हें ऐसा करने के लिए अधिकृत नहीं किया है और इस संबंध में कोई बयान भी नहीं दिया गया है।”

वर्मा ने कहा कि अगर शिकायतकर्ता की यह दलील स्वीकार कर ली जाए कि भाजपा पदाधिकारी होने के नाते उसे शिकायत दर्ज कराने का अधिकार है, तो इससे भाजपा के सभी पदाधिकारियों और सदस्यों को कथित बयान या मानहानि के लिए मुकदमा दायर करने का अधिकार मिल जाएगा।

अदालत की राय में इससे बड़ी संख्या में मुकदमे दायर होने लगेंगे।

अदालत ने यह भी कहा कि मिश्रा ने अपनी सार्वजनिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचने के दावे को साबित करने के लिए किसी स्वतंत्र गवाह से पूछताछ नहीं की।

न्यायाधीश ने फैसला सुनाते हुए कहा, “शिकायत में आरोप लगाया गया कि संगठन के एक सदस्य ने दूसरे सदस्य को एक वीडियो दिखाकर अपमानित किया, जबकि शिकायतकर्ता के साथ वीडियो देखने वाले रामचंद्र दुबे और अनिल मिश्रा ने अपमानित महसूस करने का कोई दावा नहीं किया।”

न्यायाधीश ने 14 मिनट तक फैसला सुनाया।

राहुल गांधी के वकील काशी प्रसाद शुक्ला ने मंगलवार को फैसले के संबंध में ‘पीटीआई-भाषा’ से बात करते हुए मानहानि की शिकायत को ‘‘राजनीति से प्रेरित’’ बताया।

शुक्ला ने कहा, ‘‘शिकायत की पूरी कहानी पर गौर करने से प्रथम दृष्टया ऐसा लगता है कि शिकायत पत्र में तथ्यों और घटनाओं का जिस तरह वर्णन किया गया है, वह संदेहास्पद, अवास्तविक और असत्यापन योग्य है। यह राजनीतिक या अन्य उद्देश्यों से प्रेरित है और इसका एकमात्र मकसद किसी भी तरह शिकायत दर्ज कराना है, जो कानून की मंशा के पूरी तरह खिलाफ है।’’

सुलतानपुर में भाजपा के स्थानीय नेता और जिला सहकारी बैंक के पूर्व अध्यक्ष मिश्रा ने चार अगस्त 2018 को राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि की शिकायत दर्ज कराई थी।

यह मामला 2018 के कर्नाटक विधानसभा चुनाव से पहले बेंगलुरु में एक रैली के दौरान अमित शाह के खिलाफ राहुल गांधी की कथित टिप्पणियों से संबंधित था।

भाषा सं अरूनव जफर जितेंद्र

जितेंद्र

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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