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Thursday, 6 August, 2026
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‘क्या बोलती पब्लिक’ अभियान शुरू करेगी CJP, चुनाव नहीं लड़ेगी; प्रेशर ग्रुप के तौर पर करेगी काम

छत्रपति संभाजीनगर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा कि संगठन संविधान के मूल्यों पर चलते हुए जवाहरलाल नेहरू, डॉ. भीमराव आंबेडकर और महात्मा गांधी के विचारों से प्रेरणा लेकर धर्मनिरपेक्षता और सामाजिक न्याय के लिए काम करेगा.

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छत्रपति संभाजीनगर: नीट पेपर लीक को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने गुरुवार को सितंबर से देशभर में ‘क्या बोलती पब्लिक’ नाम से जनसंपर्क अभियान शुरू करने का ऐलान किया.

छत्रपति संभाजीनगर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा कि संगठन संविधान के मूल्यों पर चलते हुए जवाहरलाल नेहरू, डॉ. भीमराव आंबेडकर और महात्मा गांधी के विचारों से प्रेरणा लेकर धर्मनिरपेक्षता और सामाजिक न्याय के लिए काम करेगा.

उन्होंने कहा, “CJP नेहरू, आंबेडकर और गांधी के आदर्शों पर चलेगी. हम धर्मनिरपेक्ष हैं और सामाजिक न्याय के लिए काम करेंगे.”

दीपके ने बताया कि सितंबर से शुरू होने वाला ‘क्या बोलती पब्लिक’ अभियान देशभर का दौरा करेगा. इसका मकसद लोगों की आवाज को सामने लाना है.

उन्होंने कहा, “अब जनता की बात करने का समय है. जनता अपनी राय रखना चाहती है और उसकी आवाज़ सुननी होगी. अगर उसकी बात नहीं सुनी गई, तो जनता सड़कों पर उतर जाएगी.”

दीपके ने देश की लोकतांत्रिक संस्थाओं पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग समेत कई संस्थाओं की जवाबदेही खतरे में है.

उन्होंने कहा, “आज हमारे देश में संस्थागत जवाबदेही बेहद खतरनाक स्थिति में है. यह लोकतंत्र के लिए अच्छा संकेत नहीं है. पहले मतदाता सरकार चुनते थे, लेकिन आज सरकार तय कर रही है कि वोट कौन देगा. लोकतंत्र ऐसे नहीं चल सकता. चुनाव आयोग की जवाबदेही तय करनी होगी, नहीं तो चुनाव में गड़बड़ी जारी रहेगी.”

उन्होंने यह भी कहा कि किसी एक व्यक्ति से सभी समस्याओं के समाधान की उम्मीद करना गलत है.

दीपके ने कहा, “अगर कोई कहता है कि वह अकेले देश की सारी समस्याएं हल कर देगा, तो वह झूठ बोल रहा है. इसका सबसे बड़ा उदाहरण हमने 2014 में देखा.”

उन्होंने बताया कि जंतर-मंतर आंदोलन के बाद बड़ी संख्या में लोग सोशल मीडिया पर पूछ रहे थे कि CJP आगे क्या करेगी. इसी के जवाब में यह देशव्यापी अभियान शुरू करने का फैसला लिया गया है.

इस बीच CJP के प्रवक्ता सौरव दास ने साफ किया कि संगठन न तो चुनाव लड़ेगा और न ही खुद को राजनीतिक दल के रूप में पंजीकृत कराएगा.

उन्होंने कहा, “हम कोई राजनीतिक पार्टी नहीं बना रहे हैं. हम केवल एक प्रेशर ग्रुप के तौर पर काम करेंगे.”

उन्होंने कहा कि कई युवा चाहते हैं कि CJP राजनीतिक पार्टी बने, लेकिन मौजूदा हालात में नई पार्टी बनाना सही फैसला नहीं होगा.

इस मौके पर CJP ने अपने संगठनात्मक पदाधिकारियों की भी घोषणा की. अभिजीत दीपके को संयोजक (कन्वीनर), सौरव और आशुतोष को सह-संयोजक (को-कन्वीनर) तथा दीपक बलियान को सह-प्रभारी (को-इनचार्ज) बनाया गया.


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