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Friday, 6 November, 2026
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चावड़ी बाजार इमारत हादसा: 3 ठेकेदार गिरफ्तार, MCD ने कहा—बिना मंजूरी के कराया जा रहा था नया निर्माण

यह घटना चावड़ी बाजार की तंग गलियों में हुई, जहां त्योहारों के मौसम में काफी भीड़-भाड़ रहती है. MCD ने एक जूनियर इंजीनियर और एक असिस्टेंट इंजीनियर को सस्पेंड कर दिया है.

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नई दिल्ली: पुरानी दिल्ली के चावड़ी बाजार में निर्माणाधीन तीन मंजिला इमारत गिरने से दो लोगों की मौत के एक दिन बाद दिल्ली पुलिस ने इस मामले में फरीदाबाद से तीन ठेकेदारों को गिरफ्तार किया है.

तीनों ठेकेदारों को शुक्रवार को फरीदाबाद जिले की दाऊज तहसील के सिरोही गांव से पकड़ा गया. पुलिस ने उनकी पहचान सिराज, ताजुद्दीन और फरकान के रूप में की है. तीनों अजमेरी गेट के रहने वाले हैं.

मध्य दिल्ली के पुलिस उपायुक्त (DCP) रोहित राजबीर सिंह ने बताया कि उन्हें भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 105 के तहत दर्ज मामले में गिरफ्तार किया जा रहा है.

यह हादसा चावड़ी बाजार की संकरी गलियों में हुआ, जहां त्योहारों के मौसम में लोगों की आवाजाही बढ़ जाती है. दिल्ली नगर निगम (MCD) ने एक जूनियर इंजीनियर और एक असिस्टेंट इंजीनियर को निलंबित कर दिया है.

DCP सिंह ने बताया कि इमारत का निर्माण चल रहा था और तीसरी मंजिल पर काम हो रहा था. उन्होंने कहा, “छत का स्लैब डालने के दौरान इमारत गिर गई. इमारत का बड़ा हिस्सा ढह गया है और आसपास की इमारतों में रहने वाले लोगों को बाहर निकाल लिया गया है. गिरी हुई इमारत के बगल वाली इमारत की हालत भी खतरनाक है.”

DCP ने कहा, “यहां बिना अनुमति निर्माण कार्य चल रहा था और हमने इस बारे में नगर निगम की एजेंसियों को पहले ही पत्र भेज दिया था. हम इस मामले में लगातार संपर्क कर रहे थे, लेकिन काम बंद नहीं कराया गया था. हादसे के समय वहां करीब 10 से 15 मजदूर मौजूद थे.”

दिल्ली पुलिस ने बताया था कि मलबे से चार लोगों को बचाया गया. इनमें से दो की चोटों के कारण मौत हो गई, जबकि बाकी दो की हालत स्थिर है और वे खतरे से बाहर हैं. मृतकों की पहचान किशोरी (40) और संजीत (45) के रूप में हुई है. दोनों मंडावली की रेलवे कॉलोनी के रहने वाले थे.

इस बीच, पुलिस ने बताया कि घायल लोगों की हालत स्थिर है और वे खतरे से बाहर हैं. उनकी पहचान सहदेव चौधरी (25) और फिरोज (37) के रूप में हुई है. दोनों मंडावली की रेलवे कॉलोनी के रहने वाले हैं.

MCD की शुरुआती रिपोर्ट में सामने आईं चेतावनी वाली बातें

MCD की शुरुआती घटना रिपोर्ट के मुताबिक, पुरानी दिल्ली जोन के रखरखाव विभाग ने इस साल 28 अप्रैल को इमारत की जर्जर हालत को लेकर उसके मालिक समीउल्लाह को सलाह जारी की थी.

मालिक को सलाह दी गई थी कि वह योग्य स्ट्रक्चरल इंजीनियर की निगरानी में लागू भवन उपनियमों के मुताबिक जरूरी मजबूती और सुधार के काम कराए. साथ ही, MCD में पंजीकृत और योग्य स्ट्रक्चरल इंजीनियर से जारी इमारत की संरचनात्मक मजबूती और सुरक्षा का प्रमाणपत्र भी जमा करे.

15 जून को दिल्ली पुलिस से इस संपत्ति पर बिना अनुमति निर्माण कार्य किए जाने की सूचना मिली. इस सूचना के साथ भेजी गई तस्वीरों से पता चलता था कि परिसर में मरम्मत और रखरखाव का काम किया जा रहा था.

इस सूचना को गंभीरता से लेते हुए निरीक्षण किया गया. इस दौरान पाया गया कि मालिक परिसर में मरम्मत का काम करा रहा था. इसके बाद मौजूदा इमारत को पूरी तरह गिराकर नया निर्माण किए जाने या इस संबंध में किसी अन्य गतिविधि को लेकर कोई शिकायत या सूचना नहीं मिली.

निगम की विस्तृत घटना रिपोर्ट में कहा गया है, “शुरुआती जांच से पता चलता है कि मालिक ने मरम्मत के काम की आड़ में दूसरी और तीसरी मंजिल पर नया निर्माण कराया था. यह MCD की ओर से जारी सलाह और लागू भवन उपनियमों का उल्लंघन था. इसके लिए जरूरी अनुमति भी नहीं ली गई थी और न ही MCD को पहले से कोई सूचना दी गई थी.”

रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि निर्माण कार्य पर रोक लगने की आशंका के चलते तीसरी मंजिल के लिंटल की शटरिंग जल्दबाजी में हटा दी गई. इसके बाद तीसरी मंजिल का लिंटल गिर गया, जिससे पूरी इमारत ढह गई.

प्रॉपर्टी टैक्स विभाग से मिले रिकॉर्ड के मुताबिक, मालिक श्री समीउल्लाह ने 22.04.2026 को स्व-मूल्यांकन (SUNIYO) योजना के तहत 75,114 रुपये का प्रॉपर्टी टैक्स जमा किया था. यह टैक्स वित्त वर्ष 2020-21 से 2025-26 तक के छह वित्त वर्षों के लिए जमा किया गया था.

स्व-मूल्यांकन के दौरान जमा किए गए रिटर्न में संपत्ति को ग्राउंड प्लस चार मंजिल (G+4) वाली इमारत बताया गया था. इसका कुल ढका हुआ क्षेत्रफल करीब 80 वर्ग मीटर (लगभग 96 वर्ग गज) दर्ज किया गया था.

रिपोर्ट में कहा गया है कि परिसर में पुरानी इमारत के कुछ हिस्से मौजूद थे, लेकिन मालिक ने “मरम्मत के काम की आड़ में दूसरी और तीसरी मंजिल पर नया निर्माण कराया हुआ लगता है, जिससे G+3 इमारत बन गई. यह MCD की ओर से जारी सलाह के दायरे से बाहर था.”

रिपोर्ट में आगे कहा गया है, “नया निर्माण सलाह में तय शर्तों का पालन किए बिना और जरूरी कानूनी अनुमति लिए बिना किया गया था. प्रॉपर्टी टैक्स जमा करते समय स्व-मूल्यांकन में एक अतिरिक्त मंजिल दिखाना यह बताता है कि मालिक की मंशा अधिकारियों को गुमराह करने की थी, ताकि विशेष कानूनों के तहत मिलने वाली सुरक्षा का फायदा उठाया जा सके.”

बिना अनुमति निर्माण कार्य को लेकर मालिक समीउल्लाह के खिलाफ मामला दर्ज करने के लिए स्थानीय पुलिस को लिखित शिकायत भी दी गई है.

इसके अलावा, MCD ने आसपास की इमारतों की संरचनात्मक सुरक्षा की जांच के लिए सर्वे शुरू किया है. इसके तहत MCD में पंजीकृत योग्य स्ट्रक्चरल इंजीनियरों के जरिए इमारतों की सुरक्षा का ऑडिट कराया जाएगा. सर्वे और सुरक्षा जांच के नतीजों के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी.

इसके साथ ही आसपास की उन इमारतों के खिलाफ भी कार्रवाई शुरू की जा रही है, जहां बिना अनुमति निर्माण कार्य चल रहा है. फील्ड स्टाफ को ऐसी संपत्तियों की पहचान करने और नियमों के मुताबिक सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है.

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