नयी दिल्ली, 30 जून (भाषा) केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) ने सीबीएसई को सिफारिश की है कि छात्रों के अनुरोध पर अंक या उत्तर पुस्तिकाएं उपलब्ध कराने की समयसीमा तय करने के लिए एक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) लागू की जाए।
सीआईसी ने इसे “आज के समय की बेहद जरूरी आवश्यकता” बताया है।
यह सिफारिश उस समय की गई जब केंद्रीय सूचना आयोग कक्षा-12 की छात्रा की अपील पर फैसला दे रहा था। छात्रा ने 2021 की बोर्ड परीक्षा के परिणाम तैयार करने में इस्तेमाल किए गए अपने मूल्यांकन रिकॉर्ड की जानकारी मांगी थी, क्योंकि कोविड-19 महामारी के कारण उस वर्ष परीक्षा रद्द कर दी गई थी।
अपीलकर्ता छात्रा ने आरोप लगाया कि मूल्यांकन प्रक्रिया में हुई गलतियों के कारण उसे “मानसिक पीड़ा और अवसाद” का सामना करना पड़ा, जिसके चलते उसे थेरेपी तक लेनी पड़ी।
सूचना आयुक्त सुधा रानी रेलांगी ने कहा, “आज के समय की यह बेहद जरूरी आवश्यकता है कि सीबीएसई छात्रों के अनुरोध पर अंक या उत्तर पुस्तिकाएं उपलब्ध कराने अथवा जमा करने की समयसीमा तय करने के लिए एक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) लागू करे।”
केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) ने कहा, “यह कदम अपीलकर्ता को हुई कठिनाइयों जैसी अनावश्यक परिस्थितियों से बचने में प्रभावी साबित होगा, क्योंकि इस तरह की समस्याएं युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती हैं।”
इसी के तहत आयोग ने आरटीआई अधिनियम की धारा 25(5) के अंतर्गत “कड़े शब्दों में सिफारिश” की कि केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) इस संबंध में एसओपी तैयार करे और “नीति से जुड़ी ऐसी जानकारी अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर सार्वजनिक करे।”
भाषा तान्या सुरेश
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