पलक्कड (केरल), 23 अप्रैल (भाषा) राजस्व विभाग ने प्रसिद्ध त्रिशूर पूरम पर्व के लिए आतिशबाजी मुहैया कराने वाली एक पटाखा बनाने की इकाई पर छापेमारी की और यहां मुथलमदा में अनुमति से अधिक मात्रा में विस्फोटक बरामद किए। पुलिस ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
हाल में त्रिशूर में पटाखा बनाने वाली एक इकाई में विस्फोट से 14 लोगों की मौत हो जाने के बाद छापेमारी अभियान शुरू किया गया।
चित्तूर के तहसीलदार के निर्देशों पर कार्रवाई करते हुए कोल्लेनगोडे पुलिस ने इकाई के लाइसेंस धारक बिनॉय जैकब के खिलाफ मामला दर्ज किया।
जैकब ने पर्व के तहत परमेकावु देवस्वओम के लिए आतिशबाजी का ठेका हासिल किया था।
प्राथमिकी के अनुसार, तहसीलदार और राजस्व अधिकारियों ने मंगलवार को इकाई का निरीक्षण किया।
प्राथमिकी में कहा गया है कि लाइसेंस के तहत निर्धारित सीमा से अधिक मात्रा में विस्फोटक और आतिशबाजी का भंडार पाए जाने पर तहसीलदार ने एक निषेध ज्ञापन जारी किया और पुलिस में एक शिकायत की, जिसके आधार पर मामला दर्ज किया गया।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बुधवार रात भारतीय न्याय संहिता और भारतीय विस्फोटक अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया।
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब पटाखा बनाने वाली इकाई में तिरुवमबडी देवस्वओम पर्व के लिए आतिशबाजी तैयार करते समय मंगलवार को विस्फोट हो गया था।
धान के खेतों के बीच एक सुनसान इलाके में स्थित कई अस्थायी शेड में पटाखे बनाए जा रहे थे, जहां विस्फोट के समय लगभग 40 लोगों के मौजूद होने का संदेह है।
त्रिशूर पूरम पर्व 26 अप्रैल को मनाया जाएगा।
परमेकावु देवस्वओम के सचिव जी. राजेश ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि आतिशबाजी के लाइसेंस धारक के खिलाफ दर्ज मामले ने इस बात की आशंका पैदा कर दी है कि त्रिशूर पूरम को कुछ निहित स्वार्थों द्वारा निशाना बनाया जा रहा है।
उन्होंने पत्रकारों से कहा, ‘‘कुछ हलकों से पूरम के आयोजन के खिलाफ दबाव बनाया जा रहा है। हम ऐसी भावनाओं को समझ नहीं पा रहे हैं।’’
राजेश ने कहा कि बुधवार को हुई महोत्सव समिति और प्रबंध समिति की बैठकों में सर्वसम्मति से महोत्सव को पूरे उत्साह के साथ करने का निर्णय लिया गया।
उन्होंने कहा, ‘‘हम इसमें कुछ बदलाव कर सकते हैं। लेकिन मंदिर के श्रद्धालुओं के लिए पूरे पूरम को रद्द करना अस्वीकार्य है।’’
राजेश ने लाइसेंसधारक के खिलाफ दर्ज मामला वापस लिए जाने की भी मांग की।
उन्होंने कहा कि पूरम पर्व के लिए लगभग 6,000 किलोग्राम विस्फोटक और आतिशबाजी की आवश्यकता होती है तथा कुछ अतिरिक्त मात्रा रखी जाती है।
राजेश ने कहा, ‘‘आतिशबाजी परंपरा का हिस्सा है। हमने सुझाव दिया है कि नमूना आतिशबाजी प्रदर्शन रद्द किया जा सकता है, लेकिन अन्य परंपराओं का पालन किया जाना चाहिए।’’
भाषा यासिर वैभव
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