कोलकाता, 30 अक्टूबर (भाषा) पश्चिम बंगाल के पर्यावरण मंत्री मनोज ओरांव ने शुक्रवार को कहा कि राज्य में काली पूजा और दिवाली के दौरान निर्धारित समय सीमा के बाद पटाखे चलाने की अनुमति नहीं होगी।
उन्होंने कहा कि नियमों का उल्लंघन रोकने, लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और पर्यावरण की रक्षा के लिए राज्य सरकार की ओर से 24 घंटे सचल दस्तों की तैनाती की जाएगी।
ओरांव ने बैठक के बाद पत्रकारों से कहा कि निर्धारित समय के अलावा पटाखे चलाने की अनुमति किसी भी सूरत में नहीं दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि शिकायतें दर्ज कराने और उन पर तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए एक विशेष हेल्पलाइन भी शुरू की जाएगी।
मंत्री ने बताया कि नियमों के उल्लंघन पर नजर रखने के लिए एक नियंत्रण कक्ष भी चौबीसों घंटे काम करेगा।
उन्होंने कहा, “निर्धारित समय के अलावा पटाखे चलाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। नियमों का उल्लंघन होने पर शिकायत दर्ज कराने के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किया जा रहा है। शिकायत मिलने पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी। लोगों को जागरूक करने के लिए मोहल्लों में जागरूकता शिविर भी लगाए जाएंगे।”
राज्य सरकार ने आसमान में उड़ाई जाने वाली कागज की लालटेन को लेकर भी नियम कठोर कर दिए हैं।
पर्यावरण मंत्री और अग्निशमन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पूर्व अनुमति के बिना कागज की लालटेन उड़ाना गैरकानूनी होगा।
अग्निशमन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि उत्तर कोलकाता के उन पारंपरिक परिवारों को भी कागज की लालटेनउड़ाने के लिए पहले अनुमति या लाइसेंस लेना होगा, जिनके यहां त्योहार के दौरान इन्हें उड़ाने की पुरानी परंपरा रही है।
इससे पहले, राज्य की गृह सचिव संघमित्रा घोष ने घोषणा की थी कि काली पूजा की रात केवल रात आठ बजे से 10 बजे तक ही पटाखे जलाने की अनुमति होगी।
छठ पूजा के दौरान पटाखे चलाने की अनुमति सुबह छह बजे से आठ बजे तक ही होगी।
भाषा जितेंद्र माधव
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