बेंगलुरु, छह नवंबर (भाषा) कर्नाटक के बेंगलुरु में एक कैब चालक ने घरेलू विवाद में अपनी पत्नी और उसके परिवार के छह सदस्यों की कथित तौर पर हत्या कर दी। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि मृतकों में सात साल का एक बच्चा भी शामिल है।
पुलिस को संदेह है कि ये हत्याएं पिछले 15 से 20 दिनों के दौरान की गईं।
पुलिस ने बताया कि आरोपी की पहचान इंदुशेखर उर्फ शेखर के रूप में हुई है और उसने राजाजीनगर थाना क्षेत्र स्थित अपने घर में इस वारदात को अंजाम दिया तथा शवों को कर्नाटक में अलग-अलग स्थानों पर ठिकाने लगाया।
एक अधिकारी ने बताया कि आरोपी को पुलिस हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है और पुलिस उससे शवों को ठिकाने लगाने वाले स्थानों के बारे में जानकारी जुटा रही है।
पुलिस ने नंदी हिल्स के पास व्यापक तलाशी अभियान के बाद सात वर्षीय बच्चे का शव बरामद कर लिया जबकि बाकी छह शवों की तलाश की जा रही है।
गृह मंत्री प्रियंक खरगे ने पत्रकारों से कहा, “यह कोई सामान्य घटना नहीं थी। ऐसा लगता है कि एक व्यक्ति ने अपने ही रिश्तेदारों की हत्या की साजिश बहुत सोच-समझकर रची और उसे अंजाम दिया।”
उन्होंने कहा कि हत्याओं के पीछे के कारणों का अब तक पूरी तरह पता नहीं चल पाया है।
बेंगलुरु के पुलिस आयुक्त सीमांत कुमार सिंह ने बताया कि तीन नवंबर को श्रीरामपुरा थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई गई थी, जिसके बाद जांच में कथित हत्याओं का खुलासा हुआ।
उन्होंने बताया कि बाद में राजाजीनगर थाने में हत्या का मामला दर्ज किया गया।
पुलिस के अनुसार, मृतकों की पहचान आरोपी की पत्नी सुनीता, सास रूपावती, साले शिवकुमार व शंकर, शिवकुमार की पत्नी दिव्या, शंकर की पत्नी नलिनी और शिवकुमार तथा दिव्या के सात वर्षीय बेटे पुनीत के रूप में हुई है।
पुलिस आयुक्त सीमांत कुमार सिंह ने कहा, “आरोपी के बयान के अनुसार, उसने अपनी पत्नी समेत अपने सात रिश्तेदारों की हत्या की है।”
उन्होंने बताया कि अब तक केवल एक शव बरामद हुआ है और बाकी छह शवों की तलाश की जा रही है।
अधिकारी ने बताया कि आरोपी से मिली जानकारी के आधार पर विशेष पुलिस दल गठित कर उन्हें विभिन्न स्थानों पर भेजा गया है।
सिंह ने बताया कि पुलिस के संयुक्त आयुक्त और उत्तर संभाग के पुलिस उपायुक्त व्यक्तिगत रूप से जांच की निगरानी कर रहे हैं।
पुलिस के अनुसार, ये हत्याएं पिछले 15 से 20 दिनों के दौरान राजाजीनगर थाना क्षेत्र स्थित आरोपी के घर में की गईं। उन्होंने बताया कि हत्याओं का सटीक घटनाक्रम अब तक स्थापित नहीं हो पाया है।
पुलिस के अनुसार, शेखर ने सबसे पहले अपनी पत्नी सुनीता की पत्थर की सिल से कथित तौर पर वार कर हत्या की और उसके शव को चिक्कबल्लापुर जिले में नंदी हिल्स के पास ठिकाने लगा दिया।
पुलिस ने बताया कि इसके बाद उसने सुनीता का मोबाइल फोन बंद कर दिया और पड़ोसियों को बताया कि वह घूमने गई है, ताकि किसी को उस पर शक न हो।
पुलिस के मुताबिक, अगले दिन शिवकुमार और शंकर को पार्टी के बहाने अपने घर बुलाया और उनकी उसने कथित तौर पर हत्या कर दी।
पुलिस ने बताया कि इसके बाद उसने दिव्या, नलिनी, रूपावती और पुनीत की भी हत्या कर दी।
पुलिस के मुताबिक, इन कथित हत्याओं का खुलासा तब हुआ, जब नलिनी की मां ने तीन नवंबर को श्रीरामपुरा थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई और मामले की जांच के दौरान पुलिस को सिलसिलेवार हत्याओं का पता चला, जिसके बाद आरोपी शेखर को गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस ने बताया कि आरोपी ने हत्याओं को अंजाम देने के बाद घर की सफाई करने और खून के निशान मिटाने के लिए रसायनों का इस्तेमाल किया।
पुलिस ने शवों को ले जाने में कथित तौर पर इस्तेमाल की गई कार और हत्याओं में कथित रूप से प्रयुक्त पत्थर की सिल को जब्त कर लिया है।
पुलिस ने बताया कि आरोपी ने शवों को ठिकाने लगाने में मदद करने के लिए अपनी बेटी को भी बहला-फुसलाकर अपने साथ शामिल कर लिया।
पुलिस के मुताबिक, बेटी की उम्र संभवतः 17 या 18 वर्ष है और मामले में उसकी कथित भूमिका की भी जांच की जा रही है।
भाषा जितेंद्र नरेश
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