गुवाहाटी, तीन नवंबर (भाषा) असम सरकार ने इस साल की शुरुआत में शिवसागर और चराईदेव जिलों में आई विनाशकारी बाढ़ के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने का अनुरोध करते हुए केंद्र को पत्र लिखने का मंगलवार को फैसला किया। मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने यह जानकारी दी।
शर्मा ने यह भी कहा कि सरकार ने किसी भी धर्म के सरकारी कर्मचारी के बहुविवाह का दोषी पाए जाने पर उसे सेवा से बर्खास्त करने का निर्णय लिया है।
यहां मंत्रिमंडल की बैठक के बाद एक संवाददाता सम्मेलन में शर्मा ने कहा, ‘राज्य मंत्रिमंडल ने शिवसागर और चराईदेव जिलों में बाढ़ के पीछे के सही कारणों का पता लगाने के लिए सीबीआई जांच का अनुरोध करने का फैसला किया है।’
उन्होंने बताया कि सरकार अगले 10 दिनों के भीतर केंद्र को पत्र भेजेगी, हालांकि जांच सौंपने का अंतिम फैसला केंद्र सरकार पर निर्भर करेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘हम चाहते हैं कि बाढ़ के सही कारण सामने आएं।’
कुछ महीने पहले पूर्वी असम के चराईदेव, शिवसागर और जोरहाट जिलों में दिखौ नदी ने भारी तबाही मचाई थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य मंत्रिमंडल ने ‘असम सेवा एवं अनुशासन नियम’ में संशोधन करने को मंजूरी दे दी है और बहुविवाह के संबंध में एक नया प्रावधान जोड़ा है।
उन्होंने कहा, ‘बहुविवाह का दोषी पाए जाने वाले सरकारी कर्मचारी को सेवा से बर्खास्त कर दिया जाएगा। यह भविष्य में किसी भी सरकारी रोजगार के लिए भी अयोग्यता मानी जाएगी।’
शर्मा ने बताया कि इस कड़े दंड को शामिल करने के लिए मंत्रिमंडल ने नियम सात की धारा छह को जोड़ा है।
उन्होंने कहा, ‘चूंकि असम में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू हो चुकी है, इसलिए यह हिंदू, मुस्लिम, ईसाई, सभी पर समान रूप से लागू होगा।’
भाषा सुमित वैभव
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