गुवाहाटी: असम विधानसभा चुनाव की वोटों की गिनती आज सुबह 8 बजे शुरू हो गई. कांग्रेस पार्टी गिनती की पूरी प्रक्रिया पर कड़ी नजर रखे हुए है और किसी भी सुरक्षा कमी या संभावित गड़बड़ी को लेकर सतर्क है.
असम कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई ने कहा कि पार्टी ने पूरे राज्य में कई ऑब्जर्वर तैनात किए हैं, जो एआईसीसी टीम के संपर्क में रहेंगे और किसी भी शिकायत को चुनाव आयोग (ECI) तक पहुंचाएंगे.
गोगोई ने कहा, “हमें असम में सकारात्मक नतीजों की उम्मीद है. लोगों ने हमें जो फीडबैक दिया है, वह वोटों की गिनती में दिखेगा. हम हर राउंड पर नजर रखेंगे.”
उन्होंने कहा, “हमने राज्य भर में अलग-अलग जगहों पर ऑब्जर्वर भेजे हैं, ताकि अगर प्रशासन की तरफ से कोई कमजोरी हो तो हमें तुरंत जानकारी मिल सके.”
पार्टी ने अलग-अलग काउंटिंग सेंटरों पर अपने ऑब्जर्वर तैनात किए हैं और कार्यकर्ताओं का एक नेटवर्क भी बनाया है, जो किसी भी गड़बड़ी की कोशिश पर नजर रखेगा.
उन्होंने बताया, “अभी सिर्फ पहला राउंड हुआ है. हमने अपने कार्यकर्ताओं से ईवीएम के बारे में जानकारी ली है कि कहीं उनके ट्रांसपोर्टेशन में कोई समस्या तो नहीं हुई. हर जिले में हमारे मॉनिटरिंग सेंटर हैं, जहां हमारे लोग मौजूद हैं. पार्टी ने पूरी तैयारी कर रखी है.”
कांग्रेस नेता ने कहा कि यह कोई नई बात नहीं है, क्योंकि पार्टी पहले भी बिना सुरक्षा के रखी गई इस्तेमाल न हुई ईवीएम का मुद्दा उठा चुकी है.
उन्होंने कहा, “यह पहली बार नहीं है, हम पहले भी जिलों में गए थे और देखा था कि बिना इस्तेमाल की ईवीएम बिना ताले के रखी हुई थीं. हमने उस समय भी यह मुद्दा उठाया था. लेकिन ऐसी स्थिति पहले से ही नहीं होनी चाहिए. हमारे सीएलपी नेता ने भी यह सब देखा है.”
लोकसभा सांसद गौरव गोगोई इस बार जोरहाट विधानसभा सीट से चुनाव लड़कर विधानसभा में अपनी शुरुआत करने जा रहे हैं. उनका मुकाबला चार बार के बीजेपी विधायक हितेंद्र नाथ गोस्वामी से है.
शुरुआती रुझानों के अनुसार, बीजेपी के नेतृत्व वाला एनडीए गठबंधन 82 सीटों पर बढ़त के साथ कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन से काफी आगे है, जबकि विपक्षी गठबंधन 27 सीटों पर आगे है. ये आंकड़े सुबह 8:30 बजे ईवीएम की गिनती शुरू होने के बाद सामने आए हैं.
2016 में, 2001 से राज्य में सत्ता में रही कांग्रेस गठबंधन सरकार सत्ता बरकरार नहीं रख सकी थी, जिसके बाद हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व में बीजेपी ने सरकार बनाई. बीजेपी इस बार राज्य में लगातार तीसरी बार सत्ता में आने की कोशिश कर रही है.
असम में 9 अप्रैल को एक ही चरण में मतदान हुआ था, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने वोट डाला. बीजेपी के नेतृत्व वाला एनडीए तीसरी बार सरकार बनाने की कोशिश में है, जबकि कांग्रेस ने मजबूत चुनौती देने के लिए छह दलों का गठबंधन बनाया है.