चेन्नई: तमिलनाडु बीजेपी अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन ने शुक्रवार को पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई के इस्तीफे को लेकर उठ रही अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि बीजेपी एक विचारधारा आधारित पार्टी है और उनके जाने से पार्टी की चुनावी संभावनाओं पर कोई असर नहीं पड़ेगा.
मीडिया से बातचीत में नागेंद्रन ने कहा कि लोकतंत्र में किसी भी व्यक्ति को नई राजनीतिक पार्टी बनाने का अधिकार है. उन्होंने कहा, “मैं अन्नामलाई के इस्तीफे पर टिप्पणी नहीं करूंगा. बीजेपी कोई नई बनी पार्टी नहीं है. यह विचारधारा पर आधारित संगठन है और इस घटनाक्रम का पार्टी पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा. किसी को भी नई पार्टी बनाने की स्वतंत्रता है. अन्नामलाई के बीजेपी छोड़ने से पार्टी पर कोई असर नहीं होगा. राज्य के अधिकारों को महत्व नहीं दिए जाने का आरोप भी गलत है.”
नागेंद्रन की यह प्रतिक्रिया ऐसे समय आई है जब बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन ने शुक्रवार को अन्नामलाई का पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा स्वीकार कर लिया.
अपने इस्तीफे के पत्र में अन्नामलाई ने बीजेपी नेतृत्व का वर्षों तक मिले समर्थन के लिए आभार जताया. उन्होंने कहा कि तमिलनाडु को लेकर उनके विचार पार्टी नेतृत्व से मेल नहीं खाते, जिसके चलते उन्होंने पार्टी छोड़ने का फैसला किया.
अन्नामलाई ने कहा, “मैं बीजेपी के वरिष्ठ नेतृत्व का धन्यवाद करता हूं, जिन्होंने हमेशा मेरे द्वारा उठाए गए मुद्दों और चिंताओं का समर्थन किया. वरिष्ठ नेताओं के साथ बातचीत के बाद मुझे लगा कि तमिलनाडु को लेकर हमारे विचार एक जैसे नहीं हैं.”
गौरतलब है कि अन्नामलाई तीन दिन पहले नई दिल्ली आए थे, जहां उन्होंने बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन, पार्टी महासचिव बी. एल. संतोष और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी.
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में बीजेपी की हार के बाद अन्नामलाई के नई पार्टी बनाने की अटकलें तेज हो गई थीं. एआईएडीएमके के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ते हुए बीजेपी को केवल 3 प्रतिशत वोट मिले थे.
अन्नामलाई के जन्मदिन से पहले कोयंबटूर में “हमारे नेता, वापस आकर हमारा नेतृत्व करें” जैसे नारों वाले पोस्टर भी लगाए गए थे. अन्नामलाई के नेतृत्व में बीजेपी ने 2024 लोकसभा चुनाव में तमिलनाडु में अपना वोट शेयर 3 प्रतिशत से बढ़ाकर 11 प्रतिशत किया था, हालांकि पार्टी कोई सीट जीत नहीं सकी. बाद में एआईएडीएमके के साथ उनके तनावपूर्ण संबंधों और चुनावी प्रदर्शन के बाद 2025 में उनकी जगह नागेंद्रन को प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया था.
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