scorecardresearch
Friday, 5 June, 2026
होमराजनीतिनेतृत्व से ‘मतभेद’ का हवाला, पूर्व तमिलनाडु BJP प्रमुख अन्नामलाई ने छोड़ी पार्टी

नेतृत्व से ‘मतभेद’ का हवाला, पूर्व तमिलनाडु BJP प्रमुख अन्नामलाई ने छोड़ी पार्टी

इस्तीफे के बाद वीडियो संदेश में कहा- ‘हमारी राजनीतिक पार्टी तमिलनाडु में अगला विधानसभा चुनाव लड़ेगी’.

Text Size:

चेन्नई: भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की तमिलनाडु के पूर्व अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है. भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने शुक्रवार को नई दिल्ली में वरिष्ठ नेताओं के साथ चर्चा के बाद उनका इस्तीफा औपचारिक रूप से स्वीकार कर लिया.

भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह की ओर से जारी बयान में कहा गया, “भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष माननीय श्री नितिन नवीन ने तमिलनाडु के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष श्री के. अन्नामलाई द्वारा पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से दिए गए इस्तीफे को स्वीकार कर लिया है.”

अन्नामलाई इस हफ्ते की शुरुआत में दिल्ली गए थे और उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बी.एल. संतोष से मुलाकात की थी. बताया जा रहा है कि इन बैठकों का उद्देश्य सिर्फ उनके बाहर निकलने की प्रक्रिया को पूरा करना नहीं था, बल्कि पिछले छह वर्षों में पार्टी द्वारा दिए गए अवसरों के लिए धन्यवाद देना भी था.

शुक्रवार को इस्तीफा देने के बाद अन्नामलाई ने कहा कि वह एक नया “आंदोलन” शुरू करेंगे.

उन्होंने एक वीडियो संदेश में कहा, “हमारी राजनीतिक पार्टी तमिलनाडु में अगला विधानसभा चुनाव लड़ेगी.”

अपने इस्तीफे के पत्र में अन्नामलाई ने राज्य में राजनीतिक रणनीति को लेकर पार्टी नेतृत्व से “मतभेद” होने का हवाला दिया.

भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के पूर्व अधिकारी अन्नामलाई ने कर्नाटक में सेवा दी थी. उन्होंने 2019 में नौकरी से इस्तीफा देकर ‘वी द लीडर्स फाउंडेशन’ नाम का एक गैर-सरकारी संगठन (एनजीओ) शुरू किया था. इसके बाद 2020 में राष्ट्रवाद और योग्यता आधारित राजनीति के विचारों से सहमति जताते हुए भाजपा में शामिल हो गए थे.

उन्हें 2021 में तमिलनाडु भाजपा का अध्यक्ष बनाया गया था. तत्कालीन द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) सरकार के खिलाफ उनके आक्रामक अभियानों और ‘एन मन्न, एन मक्कल’ यात्रा जैसे बड़े जनसंपर्क कार्यक्रमों ने राज्य में पार्टी की पहचान काफी बढ़ाई, हालांकि चुनावी सफलता सीमित ही रही.

अन्नामलाई ने तमिल पहचान पर जोर देने वाली भाजपा की छवि बनाने की कोशिश की. उन्होंने शासन, भ्रष्टाचार और राजनीतिक सुधार के मुद्दों पर राज्य की सत्तारूढ़ सरकार को लगातार घेरा, साथ ही तमिल पहचान की भी वकालत की.

वह खास तौर पर अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) के साथ पार्टी के गठबंधन और भाजपा को मिली कम सीटों को लेकर नाराज थे.

तमिलनाडु भाजपा के एक सदस्य ने कहा, “अन्नामलाई एआईएडीएमके के साथ गठबंधन के खिलाफ थे. उनका मानना था कि भाजपा को अपनी स्वतंत्र संगठनात्मक ताकत बढ़ानी चाहिए और अपने चुनाव चिह्न पर ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़ना चाहिए. भाजपा को एआईएडीएमके द्वारा दी गई कम सीटों को लेकर भी उन्होंने असंतोष जताया था.”

2026 के विधानसभा चुनाव से पहले अन्नामलाई ने फरवरी में छह विधानसभा क्षेत्रों के चुनाव प्रभारी पद से इस्तीफा दे दिया था. उन्होंने इसकी आधिकारिक वजह अपने पिता की खराब तबीयत बताई थी. इससे पहले अप्रैल 2025 में उन्होंने तमिलनाडु भाजपा अध्यक्ष पद से भी इस्तीफा दे दिया था, ताकि एआईएडीएमके के साथ गठबंधन का रास्ता साफ हो सके. इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री जे. जयललिता को लेकर अन्नामलाई की टिप्पणियों पर एआईएडीएमके नेता एडप्पादी पलानीस्वामी के साथ उनका विवाद भी हुआ था.

कहा जा रहा है कि 2026 के चुनावों में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के खराब प्रदर्शन ने अन्नामलाई के इस विश्वास को और मजबूत किया कि राज्य में भाजपा की मौजूदा रणनीति न तो नतीजे दे रही है और न ही पार्टी की स्थिति को मजबूत कर रही है.

2026 के विधानसभा चुनाव के बाद तमिलनाडु विधानसभा में भाजपा की ताकत घटकर सिर्फ एक विधायक रह गई, जबकि पहले उसके चार विधायक थे.

(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)

share & View comments