गुरदासपुर: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को पंजाब में नशे के कारोबार के खिलाफ आवाज़ उठाने के कारण कथित तौर पर जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों से मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने राज्य में नशे के बढ़ते कारोबार को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर निशाना साधा.
पंजाब दौरे के दौरान गृह मंत्री गुरदासपुर में दिवंगत बिक्रमजीत सिंह के घर पहुंचे और उनके परिवार के प्रति संवेदना जताई. उन्होंने संगरूर में स्थानीय चिट्टा (नशीले पदार्थ) बेचने वालों के खिलाफ आवाज़ उठाने के कारण मारे गए गुलजार सिंह के परिवार से भी मुलाकात की.
शाह ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में दुख जताते हुए कहा, “आज पंजाब में AAP सरकार के तहत बिना रोक-टोक चल रहे नशे के कारोबार के खिलाफ आवाज उठाने के कारण अपनी जान गंवाने वाले दिवंगत बिक्रमजीत सिंह जी के परिवार से गुरदासपुर में मुलाकात की और उनके प्रति संवेदना जताई. ईश्वर उन्हें इस दुख को सहने की शक्ति दे.”
आप-दा सरकार में पंजाब में बेलगाम हो चुके नशे के कारोबार के खिलाफ आवाज बुलंद करने पर अपनी जान गंवाने वाले स्व. विक्रमजीत सिंह जी के परिजनों से आज गुरदासपुर में उनके आवास पर मिलकर अपनी संवेदनाएँ व्यक्त कीं। ईश्वर उन्हें यह दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें।
पंजाब में नशे के बढ़ते जाल… pic.twitter.com/i5xtDlihTd
— Amit Shah (@AmitShah) October 20, 2026
पंजाब में बिगड़ते हालात के लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए शाह ने कहा कि राज्य में नशे का कारोबार करने वालों के हौसले बढ़ गए हैं.
उन्होंने कहा, “पंजाब में नशे का बढ़ता जाल और नशे का कारोबार करने वालों के बढ़ते हौसले AAP सरकार के कामकाज पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं. भगवंत मान सरकार में एक तरफ पंजाब के युवा नशे की गिरफ्त में आ रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ इसके खिलाफ आवाज उठाने वाले लोग सुरक्षित नहीं हैं.”
शाह ने नशे के कारोबार को खत्म करने के लिए केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा, “हम पूरे भारत के साथ पंजाब को भी नशामुक्त बनाने और अपने युवाओं का भविष्य सुरक्षित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं.”
बिक्रमजीत सिंह की कथित हत्या की घटना के बारे में बताते हुए उनके चाचा गुरनाम सिंह ने कहा, “वह शाम को टहलने के लिए घर से निकला था. करीब साढ़े सात से आठ बजे का समय रहा होगा. 10-15 नशे के आदी लोगों ने उसे घेर लिया. उनके साथ दो और लोग भी थे. वे तीनों को अंदर ले गए. अब वहां पूरी जगह खून से भरी हुई है. मेरे भतीजे की मौके पर ही मौत हो गई और दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए. वे अभी अस्पताल में भर्ती हैं. मेरा भतीजा नशे के खिलाफ काम करता था. उसकी किसी से कोई निजी दुश्मनी नहीं थी.”
गृह मंत्री के दौरे के बारे में उन्होंने कहा, “अमित शाह अभी हमसे मिलने आए थे. उन्होंने भरोसा दिया कि मामले की जांच सीबीआई से कराई जाएगी और हमें न्याय मिलेगा…हमें अच्छा लगा कि वह यहां आए और हमसे बात की.”
बिक्रमजीत सिंह की भतीजी सरोज दीपक ने भी कहा, “अमित शाह हमसे मिलने आए थे. उन्होंने भरोसा दिया कि वह हमें न्याय दिलाएंगे और पंजाब को नशामुक्त बनाएंगे. हमने सीबीआई जांच की मांग की और उन्होंने कहा कि मामला सीबीआई को सौंप दिया जाएगा. मुझे नहीं पता कि इसके लिए कौन लोग जिम्मेदार हैं. वे नशा करते थे. जब वे यहां पहुंचे, तो नशे में थे और उनके सामने जो भी आया, उन्होंने उसे मार दिया. हम न्याय की मांग करते हैं और चाहते हैं कि पंजाब को नशामुक्त बनाया जाए.”
शाह के पंजाब दौरे पर पंजाब बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष अश्वनी शर्मा ने कहा, “केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शोक में डूबे परिवार से मुलाकात की. परिवार ने उनके साथ अपना दुख साझा किया. गृह मंत्री ने भरोसा दिया कि परिवार को न्याय मिलेगा. उन्होंने पंजाब को नशामुक्त बनाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई. नशे का कारोबार करने वालों पर लगाम लगाई जाएगी. परिवार को भरोसा दिया गया है कि उन्हें न्याय मिलेगा.”
यह दौरा पंजाब में नशे की समस्या को लेकर चल रही राजनीतिक बहस के बीच हुआ है. बीजेपी आरोप लगा रही है कि आम आदमी पार्टी सरकार इस समस्या पर काबू पाने में नाकाम रही है. शाह ने पहले भी आरोप लगाया था कि पंजाब में हेरोइन के लिए आम तौर पर इस्तेमाल होने वाले शब्द ‘चिट्टा’ का कारोबार करने वाले लोग AAP सरकार के संरक्षण में फल-फूल रहे हैं.
इस बीच, केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) ने गुरदासपुर में बिक्रमजीत सिंह की हत्या और नशीले पदार्थों से जुड़े कथित हमले में घायल हुए दो अन्य लोगों, निशान सिंह और गुरमुख सिंह, के मामले में पंजाब सरकार से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है.
पंजाब के मुख्य सचिव को लिखे पत्र में गृह मंत्रालय ने बटाला तहसील के श्री हरगोबिंदपुर थाने के तहत आने वाले मरी पनवां गांव की घटना का जिक्र किया. मंत्रालय ने घटना की जानकारी और राज्य सरकार की ओर से की गई कार्रवाई का ब्योरा मांगा है.