नई दिल्ली: बप्पी दा ने भारतीय सिनेमा में अपनी खास जगह बनाई और अब मुंबई में भी उनके नाम पर सड़क का नाम रखा गया है. शहर ने दिवंगत गायक और संगीतकार के सम्मान में एक सड़क का नाम ‘संगीतकार बप्पी लाहिड़ी मार्ग’ रखा है.
इस समारोह में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ बॉलीवुड के कलाकार जितेंद्र, सुनील शेट्टी, जैकी श्रॉफ और गुलशन ग्रोवर भी शामिल हुए.
बप्पी लाहिड़ी के परिवार के सदस्य भी इस कार्यक्रम में शामिल हुए. फडणवीस ने उनका सम्मान किया.
जितेंद्र ने कहा कि वह और लाहिड़ी पड़ोसी थे. दोनों ने करीब 40 फिल्मों में साथ काम किया था. इनमें ‘ज्योति’ (1981), ‘जस्टिस चौधरी’ (1983), ‘मवाली’ (1983) और ‘बलिदान’ (1985) शामिल हैं. उन्होंने कहा कि दोनों के साथ काम करने से निर्देशक और निर्माता खुश रहते थे.
उन्होंने कहा, “उन्होंने अच्छा काम भी किया और अच्छा संगीत भी दिया. अगर आप अच्छा काम नहीं करते, तो संगीत अच्छा होने के बाद भी उसका ज्यादा महत्व नहीं रह जाता. मुझे बहुत खुशी है कि मैं इस कार्यक्रम में आया हूं.”
बप्पी लाहिड़ी ने तीन साल की उम्र से ही संगीत सीखना शुरू कर दिया था. उनके पिता अपरेश लाहिड़ी बंगाल के मशहूर गायक थे. उनकी मां बंशोरी लाहिड़ी संगीतकार और शास्त्रीय गायिका थीं. वह श्यामा संगीत भी गाती थीं.
संगीतकार के तौर पर उनकी पहली हिंदी फिल्म ‘नन्हा शिकारी’ (1973) थी. इस फिल्म में ‘तू ही मेरा चंदा’ गाना था, जिसे मुकेश ने गाया था.
सुनील शेट्टी ने कहा कि उन्हें यह सम्मान कई साल पहले ही मिल जाना चाहिए था.
अभिनेता ने कहा, “लेकिन देर आए, दुरुस्त आए. मेरा परिवार और मैं बहुत खुश हैं. यह सच में बहुत अच्छी बात है. उनका सिर्फ एक गाना नहीं, बल्कि सभी गाने अच्छे हैं.”
वहीं, गुलशन ग्रोवर ने दिवंगत गायक को सिनेमा और संगीत की दुनिया का महान कलाकार बताया.
उन्होंने कहा, “वह सिनेमा, संगीत और कला की दुनिया के महान कलाकार हैं. उन्होंने बहुत नाम और सम्मान कमाया है. उन्होंने ऐसे काम किए हैं जो अपने समय से आगे थे और असाधारण थे. इसलिए, इतने बड़े कलाकार को इस तरह सम्मान मिलना बहुत गर्व और सम्मान की बात है.”
बप्पी लाहिड़ी को 1982 में आई फिल्म ‘डिस्को डांसर’ के गानों के लिए याद किया जाता है. इनमें ‘याद आ रहा है’, ‘आई एम अ डिस्को डांसर’ और ‘जिमी जिमी जिमी आजा’ शामिल हैं. इसके अलावा, 1999 में आई फिल्म ‘साहेब’ का गाना ‘यार बिना चैन कहां रे’ भी उनके मशहूर गानों में शामिल है.
2016 में उन्होंने डिज्नी की फिल्म ‘मोआना’ के हिंदी में डब किए गए रूप में तामातोआ नाम के किरदार को अपनी आवाज भी दी थी. उन्होंने ‘शोना’ गाना बनाया और गाया था. यह अंग्रेजी गाने ‘शाइनी’ का हिंदी रूप था.
बप्पी लाहिड़ी की 2022 में 69 साल की उम्र में ऑब्स्ट्रक्टिव स्लीप एपनिया के कारण मौत हो गई थी. यह नींद से जुड़ी एक बीमारी है, जिसमें सोते समय सांस बार-बार रुक सकती है.
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