करनाल: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की बहस करने की चुनौती स्वीकार कर ली. हालांकि, उन्होंने राहुल गांधी को चुनौती देते हुए कहा कि वे संसद के अंदर किसी भी महत्वपूर्ण मुद्दे पर चर्चा करें.
करनाल में बीजेपी की ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा के दौरान एक बड़ी रैली को संबोधित करते हुए गृह मंत्री ने कहा, “अगर आप (राहुल गांधी) जिम्मेदारी के साथ चर्चा करना चाहते हैं और आपकी चिंताओं में सच्चाई, दम और तर्क है, तो आइए और संसद के अंदर इस पर चर्चा कीजिए. आमने-सामने बैठकर बात करते हैं! लेकिन आप जवाबों का सामना नहीं कर पाएंगे और हमेशा की तरह भाग जाएंगे.”
विपक्ष की सार्वजनिक रैलियों को बेअसर राजनीतिक ‘दिखावा’ बताते हुए शाह ने कहा कि केंद्र सरकार किसी भी मुद्दे पर चर्चा के लिए संसद का विशेष सत्र बुलाने को तैयार है. हालांकि, इसके लिए कांग्रेस नेतृत्व को संवैधानिक प्रक्रिया के तहत औपचारिक रूप से अनुरोध करना होगा.
उन्होंने कहा, “मैं राहुल गांधी को सीधे चुनौती देना चाहता हूं. आप प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चर्चा की चुनौती दे रहे हैं? अगर आपको चर्चा करनी है, तो प्रधानमंत्री को एक पत्र लिख दीजिए. हम एसआईआर (मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण) की प्रक्रिया पर चर्चा के लिए संसद का विशेष सत्र बुलाने को तैयार हैं.”
इससे पहले शाह ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी विपक्ष का मुकाबला हर जगह करने के लिए पूरी तरह तैयार है. चाहे वह संसद और विधानसभा हो या गांवों और जमीनी स्तर पर होने वाली राजनीति.
उन्होंने कहा, “क्या आपको सच में लगता है कि 80 साल पुराना लोकतंत्र आपके झांसे में आ जाएगा? राहुल जी, हम सड़कों पर रहने वाले लोग हैं. बीजेपी आपको संसद, विधानसभा, गांवों और खेतों में करारा जवाब देगी. अगर आप भीड़ जुटाने का फैसला करते हैं, तो बीजेपी के कार्यकर्ता भी आपको मुंहतोड़ जवाब देने के लिए वहां मौजूद रहेंगे. ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ रैली राहुल गांधी को करारा और निर्णायक जवाब देने के लिए आयोजित की गई है.”
इससे पहले, करनाल पहुंचने पर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने शाह का गर्मजोशी से स्वागत किया. राज्यभर में चलाए जा रहे इस अभियान में बड़ी संख्या में बीजेपी कार्यकर्ता शामिल हुए. इससे क्षेत्र में पार्टी के बड़े स्तर पर जनसंपर्क अभियान चलाने की रणनीति का पता चलता है. मुख्यमंत्री सैनी भी इस पदयात्रा में शामिल हुए.