लखनऊ, 30 अक्टूबर (भाषा) उत्तर प्रदेश के गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय प्रसाद और पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव कृष्ण ने हाल में लखनऊ में पार्किंग विवाद को लेकर हुई गोलीबारी में मारे गए तीन लोगों के परिजनों से शुक्रवार को मुलाकात की और मामले की त्वरित सुनवाई कराने तथा आरोपियों को जल्द सजा दिलाने का आश्वासन दिया।
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने दोनों अधिकारियों की पीड़ित परिवार से मुलाकात की पुष्टि करते हुए बताया कि इस दौरान संयुक्त पुलिस आयुक्त (जेसीपी) और अपर जिलाधिकारी (एडीएम) भी मौजूद थे।
अधिकारी ने कहा, ‘‘अपर मुख्य सचिव और डीजीपी ने पीड़ित परिवार को आश्वस्त किया है कि मामले की त्वरित सुनवाई कराई जाएगी और आरोपियों को जल्द सजा दिलाई जाएगी।’’
सूत्रों के मुताबिक, दोनों अधिकारियों ने पीड़ित परिवार के सदस्यों से करीब 10 मिनट तक बातचीत की।
मृतक शिवाजी तिवारी के बहनोई नीरज शुक्ला ने संवाददाताओं को बताया कि परिवार ने आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि परिवार ने बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने का भी अनुरोध किया है।
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने मंगलवार को पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने, राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत कार्रवाई कराने, मामले की त्वरित सुनवाई सुनिश्चित करने और परिवार को आजीवन सुरक्षा देने का आश्वासन दिया था।
लखनऊ के सआदतगंज इलाके के ब्रह्मणी टोला में सोमवार को एक खाली भूखंड पर कार खड़ी करने को लेकर विवाद हो गया था। इसके बाद हुई गोलीबारी में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के लखनऊ महानगर में जिला सह-कार्यवाह शिवाजी तिवारी, उनके भाई शिवेंद्र तिवारी (55) और शिवेंद्र के बेटे सुयश तिवारी (30) की मौत हो गई थी।
पुलिस ने मंगलवार को इस मामले में छह लोगों को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार आरोपियों में ऋषभ शुक्ला, सतीश शुक्ला, गिरीश कुमार शुक्ला, दिनेश शुक्ला, प्रिया शुक्ला और अदिति शुक्ला शामिल हैं। मामले में 25-25 हजार रुपये के इनामी दो आरोपी अब भी फरार हैं।
इस बीच, लखनऊ विकास प्राधिकरण ने आरोपी के मकान को अवैध निर्माण बताते हुए उसे सील कर दिया है।
भाषा अरुणव सलीम खारी
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