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Wednesday, 19 August, 2026
होमदेशअडाणी FIR: गुजरात पुलिस ने पत्रकार रवि नायर के घरों की तलाशी क्यों ली और दूसरों के डिवाइस क्यों जब्त किए

अडाणी FIR: गुजरात पुलिस ने पत्रकार रवि नायर के घरों की तलाशी क्यों ली और दूसरों के डिवाइस क्यों जब्त किए

दिल्ली और केरल में पत्रकार रवि नायर के घरों की तलाशी के दौरान गुजरात पुलिस ने 5 डिवाइस जब्त किए, इनमें 3 उनके सहयोगी और बेटे के थे, जिनका फर्जीवाड़े के मामले में आरोपी के तौर पर नाम नहीं है.

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नई दिल्ली: फर्जीवाड़े के आरोपों को लेकर गुजरात पुलिस ने पत्रकार रवि नायर के दिल्ली और केरल स्थित घरों पर छापेमारी की. इस दौरान पुलिस अधिकारियों ने कथित तौर पर उनके बेटे और सहयोगी के डिवाइस भी जब्त कर लिए. इन दोनों का इस मामले में आरोपी के तौर पर नाम नहीं है. पुलिस ने एक पुरानी पेन ड्राइव और अडाणी ग्रुप से जुड़ी एक खबर का प्रिंटआउट भी जब्त किया. इससे जब्ती की कार्रवाई के दायरे पर सवाल उठ रहे हैं.

ये तलाशी गुजरात हाई कोर्ट द्वारा नायर के खिलाफ एफआईआर रद्द करने से इनकार करने के एक हफ्ते बाद हुई. एफआईआर में उन पर फर्जीवाड़े और धोखाधड़ी समेत कई अपराधों के आरोप लगाए गए हैं. यह मामला सोशल मीडिया पर उस रिपोर्ट से जुड़ी उनकी पोस्ट के बाद शुरू हुआ था, जिसे उन्होंने द वाशिंगटन पोस्ट में बतौर को-राइटर लिखा था.

गुजरात पुलिस ने अडानी पोर्ट्स एंड SEZ Ltd की शिकायत मिलने के बाद एफआईआर दर्ज की थी. द वाशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट में आरोप लगाया गया था कि भारतीय जीवन बीमा कंपनी ने केंद्र सरकार के निर्देश पर अडानी ग्रुप में निवेश किया था.

गुजरात पुलिस ने कथित तौर पर पांच डिवाइस जब्त किए, जिनमें नायर की सहयोगी साची हेगड़े का लैपटॉप और iPad और नायर के बेटे अभय का लैपटॉप शामिल है.

ये छापे गुजरात हाई कोर्ट द्वारा नायर के खिलाफ फर्जीवाड़े की एफआईआर रद्द करने से इनकार करने के एक हफ्ते बाद पड़े.

इससे पहले अहमदाबाद की एक अदालत ने पुलिस को नायर के घर की तलाशी लेने और जरूरत पड़ने पर “डिवाइस को सुरक्षित तरीके से जब्त करने” की अनुमति दी थी. हालांकि, न तो हेगड़े और न ही नायर के बेटे का आरोपी के तौर पर नाम है और न ही मामले में कहीं उनका नाम दर्ज है.

नायर की दोस्त हेगड़े ने कहा, “दिल्ली पुलिस के साथ गुजरात पुलिस पहले अहमदाबाद की अदालत से जारी तलाशी वारंट दिखाकर आई और हमसे पूछा कि रवि का कमरा कौन सा है.” उन्होंने दिप्रिंट को बताया कि इसके बाद पुलिस ने उनका कमरा पूरी तरह खंगाला और 10 साल पुरानी एक पेन ड्राइव और अडानी से जुड़ी एक खबर का प्रिंट जब्त कर लिया.

हेगड़े ने कहा, “हम लगातार बताते रहे कि रवि और उनकी पत्नी केरल चले गए हैं और दो साल से वहीं रह रहे हैं.”

इसके बाद गुजरात पुलिस ने कथित तौर पर घर में पड़े एक पुराने लैपटॉप और दो पुराने फोन को भी उठा लिया, जिनका इस्तेमाल नहीं हो रहा था. उन्होंने कहा, “लैपटॉप और फोन सभी बंद थे और 4-5 साल से इस्तेमाल में नहीं थे.”

उन्होंने बताया कि इसके बाद पुलिस ने तीन डिवाइस के बारे में पूछा—दो लैपटॉप और एक iPad, जो हेगड़े और अभय के थे. हेगड़े ने कहा, “हम दोनों ने सबूत के तौर पर उन्हें अपने iCloud अकाउंट दिखाए कि ये डिवाइस हमारे हैं. पहले उन्होंने डिवाइस की फोटो ली और फिर फोन पर कुछ बातचीत के बाद उन्होंने हमें बताया कि केरल में मौजूद टीम को रवि से पता चला है कि ये डिवाइस उसके हैं.”

इसके बाद पुलिस ने दो गवाहों की मौजूदगी में डिवाइस और जब्ती की वीडियो रिकॉर्डिंग को सील कर दिया. उन्होंने कहा, “हम बार-बार हैश वैल्यू (डेटा के लिए एक खास डिजिटल पहचान) मांगते रहे, लेकिन पुलिस ने हमें यह नहीं दिया.”

इस बीच, नायर के केरल स्थित घर से उनके दो फोन जब्त किए गए.

अहमदाबाद क्राइम ब्रांच के एक अधिकारी ने तलाशी और जब्ती की पुष्टि की और कहा कि तीन लैपटॉप और दो मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं.

नायर के खिलाफ बीएनएस की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है. इनमें किसी व्यक्ति या संस्था की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के इरादे से धोखाधड़ी और फर्जीवाड़ा करना और नकली या फर्जी कागज या डिजिटल फाइल को असली बताकर इस्तेमाल करना शामिल है. नायर के खिलाफ यह एफआईआर उनकी सोशल मीडिया पोस्ट से जुड़ी है, न कि उस लेख से जिसे उन्होंने सह-लेखक के तौर पर लिखा था.

दिप्रिंट ने नायर के दोस्त और परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों पर टिप्पणी के लिए गुजरात पुलिस से फोन और मैसेज के जरिए संपर्क किया है. पुलिस की ओर से जवाब मिलने पर इस रिपोर्ट को अपडेट किया जाएगा.

(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)


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