मुंबई, 30 अक्टूबर (भाषा) बॉलीवुड अभिनेता अजय देवगन ने ‘विमल इलायची’ के विज्ञापनों में नजर आने को लेकर महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) द्वारा जारी कारण बताओ नोटिस को मुंबई उच्च न्यायालय में चुनौती दी है।
देवगन की याचिका में कहा गया है कि नोटिस मनमाने तरीके से विज्ञापन बनाने वाली कंपनी के बजाय एक अभिनेता के रूप में उन्हें जारी किया गया है।
मुख्य न्यायाधीश महेश चंद्र त्रिपाठी और न्यायमूर्ति अद्वैत सेठना की पीठ इस मामले पर चार नवंबर को सुनवाई कर सकती है।
एफडीए ने देवगन को जारी नोटिस में कहा कि ‘विमल इलायची’ के विज्ञापन महाराष्ट्र में प्रतिबंधित ‘विमल पान मसाला’ का परोक्ष प्रचार करते हैं।
इसी तरह के नोटिस अभिनेता शाहरुख खान और टाइगर श्रॉफ को भी जारी किए गए, जो इन विज्ञापनों में नजर आते हैं।
इससे पहले शुक्रवार को एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंढे ने कहा कि राज्य के नियमों के कथित उल्लंघन को लेकर शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ के खिलाफ कार्यवाही पूरी हो गई है।
उन्होंने कहा कि एफडीए ने अपनी जांच पूरी कर ली है और तीनों अभिनेताओं द्वारा नियमों का उल्लंघन किए जाने की बात सामने आई है।
मुंढे ने कहा कि देवगन ने उच्च न्यायालय का रुख किया है, लेकिन विभाग संयुक्त आयुक्त के समक्ष अपनी कार्यवाही जारी रखेगा।
एफडीए ने पहले दावा किया था कि ‘विमल इलायची’ का प्रचार अभियान प्रतिबंधित पान मसाला उत्पादों का परोक्ष विज्ञापन है। विभाग ने आरोप लगाया था कि यह ब्रांड गुटखा और पान मसाला की बिक्री से जुड़ा है, जिन पर महाराष्ट्र में प्रतिबंध है।
भाषा राखी नेत्रपाल
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