नई दिल्ली: नेपाल में अचानक आई बाढ़ के बाद नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (NDRF) ने बिहार में 9 टीमें और उत्तर प्रदेश में एक टीम तैनात की है. NDRF के इंस्पेक्टर जनरल (IG) नरेंद्र सिंह बुंदेला ने गुरुवार को यह जानकारी दी. यहां NDRF मुख्यालय में बोलते हुए बुंदेला ने यह भी कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें दोनों राज्यों के कई जिलों पर नज़र रख रही हैं.
उन्होंने कहा कि NDRF की टीमें नेपाल में भेजे जाने के लिए तैयार हैं. उन्होंने कहा, “अगर नेपाल सरकार की ओर से मदद की मांग आती है और भारत सरकार उसी के अनुसार फैसला करती है, तो NDRF की एक टीम भेजी जाएगी. अभी तक ऐसा कोई आदेश जारी नहीं हुआ है.”
बुधवार को नेपाल और तिब्बत की हिमालयी सीमा पर मिट्टी और चट्टानों की एक दीवार नदी में गिरती हुई दिखाई दी, जिससे नेपाल में भारी तबाही वाली अचानक बाढ़ आ गई. काठमांडू पोस्ट के मुताबिक, अधिकारियों ने कम से कम 177 लोगों की मौत की पुष्टि की है. 826 लोग लापता हैं, जिनमें 100 से ज्यादा भारतीय पर्यटक शामिल हैं.
बुंदेला ने मीडिया को बताया कि जब केंद्र को नेपाल की स्थिति की जानकारी मिली, तो “राज्य सरकारों ने CWC (सेंट्रल वाटर कमीशन) के साथ मिलकर बिहार और उत्तर प्रदेश में बाढ़ आने की संभावना का आकलन किया.”
उन्होंने कहा कि इस आकलन में मुख्य रूप से गंडक नदी और उस पर बाढ़ के संभावित असर पर ध्यान दिया गया. यह नदी बिहार और उत्तर प्रदेश से होकर बहती है.
एक दिन पहले जारी प्रेस बयान में NDRF ने कहा था कि उसने बाढ़ की चेतावनी और उससे निपटने के लिए उत्तर प्रदेश में 11 टीमें तैनात की थीं.
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने स्थिति की समीक्षा की. इसके बाद राज्य सरकार के अनुरोध पर NDRF की दो टीमें तैनात की गईं, बुंदेला ने कहा. उन्होंने कहा, “आज की तारीख में बिहार में NDRF की 9 टीमें जमीन पर तैनात हैं और किसी भी बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं. उत्तर प्रदेश में गोरखपुर के पास कुशीनगर क्षेत्र के प्रभावित होने की संभावना है, इसलिए एक टीम को वहां भेजकर तैनात किया गया है.”
उन्होंने कहा कि बाढ़ आने की स्थिति में संबंधित राज्य सरकारों की ओर से तय किए गए राहत और लोगों को सुरक्षित जगह ले जाने के प्लान के अनुसार टीमें काम करने के लिए तैयार हैं. उन्होंने बताया कि CWC गंडक नदी के वाल्मीकिनगर बैराज पर पानी छोड़े जाने और पानी के बहाव की निगरानी कर रही है और अपडेट दे रही है.
बुंदेला ने कहा, “अभी तक जमीन पर बाढ़ का कोई बड़ा असर नहीं हुआ है, लेकिन स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है.”
उन्होंने कहा, “CWC पानी के स्तर और पानी छोड़े जाने की दर पर नजर रख रही है. राज्य सरकार ने स्थिति की समीक्षा की है और जरूरत के अनुसार अतिरिक्त टीमें तैनात की हैं. जरूरत के मुताबिक राज्य के संसाधनों को दूसरी जगह भेजा गया है. जिला मजिस्ट्रेटों ने जमीन पर जरूरी कार्रवाई शुरू कर दी है और लोगों को जागरूक किया है…हमने गाजियाबाद में NDRF की 4 टीमों को रिजर्व में रखा है.”
नेपालका लागि ३७.५ टन मानवीय सहायता तथा विपद् राहत (एचएडीआर) सामग्री, औषधि र खाद्यान्न प्याकेटहरू लिएर दोस्रो उडान भर्खरै उडेको छ।
भारत नेपाली अधिकारीहरूसँग निकट रही निरन्तर सम्पर्कमा रहेको छ। हामी हाल जारी राहत प्रयासहरूलाई दृढताका साथ समर्थन गरिरहनेछौं।
— IndiaInNepal (@IndiaInNepal) August 27, 2026
उन्होंने यह भी दोहराया कि मानवीय सहायता और आपदा राहत सामग्री लेकर दो विमान गुरुवार को नेपाल के लिए भेजे गए हैं.
बिहार के मुख्यमंत्री चौधरी ने बगहा, वाल्मीकिनगर, बेतिया और मोतिहारी के सीमावर्ती इलाकों में बाढ़ की स्थिति का हवाई सर्वे किया. उन्होंने पत्रकारों से कहा कि स्थिति “धीरे-धीरे सामान्य हो रही है.”
उन्होंने कहा, “बारिश हुई है, जिसकी वजह से कुछ अतिरिक्त पानी आ रहा है. हालांकि, इस समय करीब एक लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है. यहां से पटना तक स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है.”
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