नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के बरेली में गुरुवार को रक्षाबंधन के एक कार्यक्रम में भगदड़ जैसी स्थिति बनने से 45 साल की एक महिला की मौत हो गई और कम से कम तीन लोग घायल हो गए.
बरेली क्लब में आयोजित इस बड़े रक्षाबंधन कार्यक्रम का आयोजन बरेली के मेयर और बीजेपी नेता उमेश गौतम और उनके बेटे पार्थ गौतम ने किया था. करीब 20,000 महिलाओं को नेताओं को राखी बांधने के लिए बुलाया गया था. उन्हें खाने और तोहफे के तौर पर एक साड़ी देने का वादा किया गया था.
मृत महिला की पहचान चंद्रगुप्त पुरम की रहने वाली मधु के रूप में हुई है. चंद्रगुप्त पुरम पीलीभीत बाईपास रोड के पास स्थित है. मधु पूर्व सैनिक भगवान सिंह की पत्नी थीं. उन्हें करीब 2 किलोमीटर दूर स्थित मिशन अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई. भीड़ के अचानक बढ़ने से वह गंभीर रूप से घायल हो गई थीं.
“हम कार्यक्रम में शामिल होने गए थे, लेकिन वहां इंतिजाम बहुत खराब थे. भीड़ की वजह से कई लोग बेहोश हो गए. एक महिला की मौत हो गई और बच्चे भी घायल हुए,” कार्यक्रम में मौजूद एक महिला कस्तूरी कुमारी ने आरोप लगाया. “मैं किसी तरह अपनी जान बचाकर बाहर निकली. हम यहां इसलिए आए थे क्योंकि हमें बहनों के तौर पर सम्मान के साथ बुलाया गया था. इसके लिए नहीं,” कुमारी ने दिप्रिंट से कहा. कार्यक्रम के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए हैं.
कार्यक्रम सुबह 10 बजे शुरू हुआ था. इसका आयोजन युवा सेवक संघ और पार्थ गौतम फाउंडेशन ने किया था. शहर और आसपास की तहसीलों से हजारों महिलाएं मेयर और उनके बेटे को राखी बांधने के लिए पहुंची थीं.
यही कार्यक्रम पिछले साल भी आयोजित किया गया था और इसमें करीब 15,000 महिलाओं के शामिल होने की बात कही गई थी. इस साल यह संख्या बढ़कर 20,000 हो गई.
हालांकि, पुलिस ने कहा कि अभी तक किसी की मौत की कोई जानकारी नहीं मिली है.
“गुरुवार, 27 अगस्त को बरेली क्लब में आयोजित रक्षाबंधन से जुड़े कार्यक्रम के दौरान भीड़ की वजह से महिलाओं के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई. पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची, स्थिति को काबू में किया और कार्यक्रम को शांतिपूर्वक पूरा कराया. अभी तक किसी की मौत की कोई जानकारी नहीं मिली है,” बरेली पुलिस ने कहा.
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