नई दिल्ली: सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट (SRFTI) के छात्रों और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े संगठनों के सदस्यों के बीच शाम को हुई झड़प पश्चिम बंगाल में बीजेपी की सरकार के तहत सामने आया नया विवाद बन गई है.
कोलकाता स्थित फिल्म संस्थान के छात्र अपने “गैर-राजनीतिक” कैंपस में एक “हिंदुत्व कार्यक्रम” नहीं चाहते थे. हालांकि, दक्षिणपंथी विचारधारा से जुड़े संगठन अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत (ABGP) ने दिप्रिंट को बताया कि यह उनका वार्षिक कार्यक्रम था. संगठन ने कहा कि वह हर साल “महिला सशक्तिकरण और उपभोक्ता सशक्तिकरण” से जुड़े कार्यक्रम आयोजित करता है और SRFTI में हुआ कार्यक्रम भी उसके जागरूकता अभियान का हिस्सा था.
‘हिंदुत्व के लिए जगह नहीं’
रविवार शाम यह झड़प तब शुरू हुई, जब छात्र संघ के सदस्य मुख्य थिएटर पहुंचे. वहां ABGP दोपहर के भोजन के बाद अपना कार्यक्रम आयोजित कर रहा था.
सिनेमैटोग्राफी के तीसरे वर्ष के छात्र और छात्र संघ के सदस्य सारंग सुरेंद्रन उन छात्रों में शामिल थे, जिन्होंने इसे “शांतिपूर्ण प्रदर्शन” बताया.
सुरेंद्रन ने कहा, “हम दोपहर में वहां गए थे और उनके बैनरों पर अपने पोस्टर लगा दिए थे.” उनके मुताबिक, छात्र संघ के सदस्यों को वहां से दौड़ाया गया और पीटा गया.
इस झड़प में सुरेंद्रन भी घायल हो गए और इसके बाद और छात्र वहां जमा होने लगे. कुछ छात्रों ने यह भी दावा किया कि उन्हें चाकू दिखाकर डराया गया.
सुरेंद्रन ने आरोप लगाया, “हिंसा की शुरुआत उस समूह ने की. कोई भी ऐसा कार्यक्रम आयोजित नहीं होना चाहिए, जो राजनीतिक और धार्मिक हो.”
झड़प के बाद कैंपस में और छात्र जमा हो गए. कैंपस के अंदर मौजूद वरिष्ठ छात्रा हुस्ना लाकड़वाला ने दिप्रिंट को बताया कि छात्रों ने कैंपस का मुख्य गेट बंद कर दिया.
उन्होंने कहा, “उन्होंने हमें पाकिस्तानी, बांग्लादेशी और राष्ट्र-विरोधी कहा. हम नहीं चाहते थे कि वह समूह कैंपस से बाहर जाए.”
व्हाट्सऐप पर सामने आए वीडियो में SRFTI के गेट के बाहर बड़ी संख्या में लोग जमा दिखाई दिए. वे झंडे लहरा रहे थे, नारे लगा रहे थे और गेट के दोनों तरफ मौजूद लोगों को गालियां देते हुए चिल्ला रहे थे.
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