नई दिल्ली: लोकसभा के पूर्व सांसद आर. सेंथिल ने जब सिंधु घाटी सभ्यता के स्थलों जैसे लोथल, धोलावीरा और राखीगढ़ी की सड़क यात्रा की योजना बनाई, तो उनकी यात्रा का आखिरी पड़ाव दिल्ली का नेशनल म्यूजियम था. वह वहां मोहनजोदड़ो की मशहूर ‘डांसिंग गर्ल’ को देखना चाहते थे.
लेकिन 4,500 साल पुरानी कांसे की यह छोटी मूर्ति हड़प्पा गैलरी में प्रदर्शित नहीं थी.
थगदूर अधियमन वरलात्रु संगम के सचिव सेंथिल ने दिप्रिंट को बताया, “मैं यह देखकर हैरान था कि नेशनल म्यूजियम की गैलरी में डांसिंग गर्ल को प्रदर्शित नहीं किया गया है. यह यकीन करना मुश्किल है कि इतनी ऐतिहासिक महत्व वाली कलाकृति को वहां से हटा दिया गया है. इन लोगों को इतिहास का सम्मान करना नहीं आता.”
उन्होंने केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र शेखावत, संस्कृति सचिव और नेशनल म्यूजियम के महानिदेशक को पत्र लिखकर पूछा कि डांसिंग गर्ल को प्रदर्शनी से हटाने की क्या वजह है.
इस पत्र का शीर्षक है, ‘सिंधु घाटी गैलरी से हड़प्पा सभ्यता की प्रतिष्ठित डांसिंग गर्ल की मूर्ति को बिना किसी उचित कारण के हटाया जाना – इसे तुरंत वापस प्रदर्शित करने की मांग’. दिप्रिंट ने इस पत्र को देखा है, जिसे सेंथिल ने 17 अक्टूबर को म्यूजियम जाने के बाद भेजा था.
पत्र में लिखा है, “यह जानना कि मूल मूर्ति को वहां से हटा दिया गया है और फिलहाल उसे कहीं भी प्रदर्शित नहीं किया जा रहा है – न तो नेशनल म्यूजियम में और न ही किसी अन्य तय प्रदर्शनी स्थल पर – संस्थान की जिम्मेदारी पर सवाल खड़े करता है. किसी राष्ट्रीय धरोहर को दूसरी जगह ले जाना, जबकि वहां उसे सुरक्षित तरीके से प्रदर्शित करने की उचित व्यवस्था तैयार न हो, म्यूजियम में कलाकृतियों की देखरेख और धरोहरों की सुरक्षा के सभी तय मानकों के खिलाफ है.”
पत्र में सेंथिल ने गैलरी से इस कलाकृति को हटाने के पीछे का आधिकारिक कारण भी पूछा है.
पत्र में लिखा है, “यह स्पष्ट किया जाए कि फिलहाल इस मूर्ति को कहां और किन परिस्थितियों में रखा गया है या प्रदर्शित किया जा रहा है. यह भी सुनिश्चित किया जाए कि इसे सुरक्षित रखने के लिए अंतरराष्ट्रीय मानकों का पालन हो. मूल मूर्ति को जल्द से जल्द नेशनल म्यूजियम की उसकी सही गैलरी में वापस प्रदर्शित करने के लिए तुरंत कदम उठाए जाएं.”
सेंथिल ने पत्र में लिखा कि भारत की सभ्यतागत चेतना और दुनिया के कला इतिहास में डांसिंग गर्ल का वही खास स्थान है, जो फ्रांस और लूव्र म्यूजियम के लिए मोनालिसा का है.
पत्र में लिखा है, “इतने खास ऐतिहासिक और कलात्मक महत्व वाली उत्कृष्ट कलाकृतियों को दुनियाभर में राष्ट्रीय धरोहर माना जाता है और उन्हें एक जगह से दूसरी जगह नहीं ले जाया जाता.” पत्र में आगे कहा गया है कि भारतीय विरासत की इस अनमोल धरोहर का अपनी गैलरी से गायब होना पूरी तरह अस्वीकार्य है.
दो हफ्ते से ज्यादा समय बीत चुका है, लेकिन सेंथिल को नेशनल म्यूजियम और मंत्रालय की ओर से अब तक कोई जवाब नहीं मिला है.
नेशनल म्यूजियम की हड़प्पा गैलरी में डांसिंग गर्ल पर्यटकों के लिए सबसे बड़े आकर्षणों में से एक है. सितंबर में इन कलाकृतियों को हटाने के बाद म्यूजियम प्रशासन ने वहां एक छोटी सी सफेद पर्ची चिपका दी. इस पर लिखा है, “युगे युगीन भारत म्यूजियम की मॉक गैलरी के लिए कलाकृति हटाई गई है.”
नेशनल म्यूजियम के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “हर दिन म्यूजियम आने वाले लोग अधिकारी और कर्मचारियों से डांसिंग गर्ल के बारे में पूछते हैं. कई लोग सिर्फ इस कलाकृति को देखने आते थे, लेकिन अब एक महीने से ज्यादा समय से यह प्रदर्शित नहीं है. लोग निराश होकर लौट रहे हैं.”
कई अन्य उत्कृष्ट कलाकृतियां भी हटाई गईं
नेशनल म्यूजियम में कई अन्य मशहूर कलाकृतियों को भी प्रदर्शनी से हटा दिया गया है.
इनमें पशुपति मुहर, भगवान बुद्ध की काले रंग की मूर्ति, कुबेर की मूर्ति, दारा शिकोह की शादी की पेंटिंग, मातृ देवी की मूर्ति और जलियांवाला बाग का कलश शामिल हैं.
पशुपति मुहर सिंधु घाटी सभ्यता की 4,500 साल पुरानी कलाकृति है. इसे मोहनजोदड़ो में खुदाई के दौरान खोजा गया था और नेशनल म्यूजियम में रखा गया था.
कुषाण काल की मशहूर कुबेर मूर्ति प्राचीन भारतीय मूर्तिकला का नमूना है. इसमें हिंदू धर्म के धन के देवता कुबेर को दर्शाया गया है.
नेशनल म्यूजियम में रखी मशहूर लघु चित्रकला ‘द मैरिज प्रोसेशन ऑफ दारा शिकोह’ को भी हटा दिया गया है.
अधिकारी ने बताया कि इन सभी कलाकृतियों को प्रस्तावित युगे युगीन भारत म्यूजियम की प्रोटोटाइप प्रदर्शनी के लिए हटाया गया है. अधिकारी अनौपचारिक तौर पर इसे ‘मॉक गैलरी’ कहते हैं.
नेशनल म्यूजियम में इस प्रोटोटाइप पर काम चल रहा है. यहां तीन गैलरी बनाई जा रही हैं. इनमें से दो भूतल पर और एक सबसे ऊपरी मंजिल पर बनाई जा रही है.
हालांकि, म्यूजियम में रुचि रखने वाले लोगों के लिए सबसे चिंताजनक बात यह है कि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि मॉक गैलरी कब खुलेगी और क्या आम लोग वहां जा सकेंगे. इसका मतलब है कि डांसिंग गर्ल को लंबे समय तक लोग नहीं देख पाएंगे.
नेशनल म्यूजियम के एक सूत्र ने कहा, “संभव है कि इसे आम लोगों के लिए नहीं खोला जाए और यह सिर्फ अधिकारियों के लिए हो.”
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