scorecardresearch
Wednesday, 4 November, 2026
होमदेशराजस्थान की ACB ने 40 विला खरीदने वाले IAS अधिकारी और उनकी IPS पत्नी के रिकॉर्ड मांगे

राजस्थान की ACB ने 40 विला खरीदने वाले IAS अधिकारी और उनकी IPS पत्नी के रिकॉर्ड मांगे

सीनियर IAS ऑफिसर शिखर अग्रवाल और उनकी पत्नी, IPS ऑफिसर प्रशाखा माथुर ने कथित तौर पर एक प्राइवेट कंपनी से Rs 6.15 करोड़ की कुल कीमत पर लगभग 40 विला खरीदे.

Text Size:

नई दिल्ली: राजस्थान के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने कई सरकारी विभागों को पत्र लिखकर वरिष्ठ IAS अधिकारी शिखर अग्रवाल और उनकी पत्नी, IPS अधिकारी प्रशाखा माथुर के वित्तीय लेन-देन और उनके द्वारा लिए गए फैसलों समेत आधिकारिक रिकॉर्ड मांगे हैं. दिप्रिंट को यह जानकारी मिली है. ब्यूरो ने यह कदम दंपति के खिलाफ चल रही जांच के तहत उठाया है.

यह जांच राजस्थान सरकार की मंजूरी के बाद शुरू हुई है. आरोप है कि अग्रवाल और अन्य लोगों ने एक निजी कंपनी को अनुचित लाभ पहुंचाने के लिए अपने आधिकारिक पदों का दुरुपयोग किया.

ACB के सूत्रों ने दिप्रिंट को बताया कि सोमवार को उद्योग और लोक निर्माण विभागों के साथ-साथ उदयपुर और अलवर के कलेक्टर कार्यालयों को भी पत्र भेजे गए. आरोप है कि दंपति ने इन दोनों जिलों में एक निजी कंपनी से करीब 40 विला खरीदे थे.

ACB के एक अधिकारी ने दिप्रिंट को बताया, “मीडिया रिपोर्टों और अपने सूत्रों से सामने आए लेन-देन के विवरण के आधार पर हमने प्रारंभिक जांच (PE) शुरू की है. आगे की कार्रवाई तय करने से पहले अब हम दस्तावेजी सबूत जुटा रहे हैं.”

अधिकारी ने आगे कहा, “पहली नजर में यह साफ है कि जांच के दायरे में आए अधिकारियों ने मीडिया रिपोर्टों में जिन संपत्तियों का जिक्र किया गया है, उन्हें खरीदा था. हम इन लेन-देन की कानूनी वैधता की जांच कर रहे हैं और यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि इसके लिए पैसे कहां से आए.”

1993 बैच के IAS अधिकारी अग्रवाल, मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के नेतृत्व वाली BJP सरकार में कई अहम विभागों के अतिरिक्त मुख्य सचिव के पद पर तैनात थे. उनकी पत्नी 1995 बैच की IPS अधिकारी हैं और राज्य पुलिस के आधुनिकीकरण और कल्याण विभाग में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक के पद पर तैनात थीं.

पिछले हफ्ते दैनिक भास्कर की एक रिपोर्ट के बाद यह दंपति जांच के दायरे में आया. रिपोर्ट में आरोप लगाया गया था कि उन्होंने उदयपुर और अलवर में गोयल फैशन्स नाम की एक कंपनी से 40 विला तक खरीदे थे. बताया गया कि ये संपत्तियां दंपति, उनके बच्चों और उनके माता-पिता के नाम पर खरीदी गई थीं.

मीडिया रिपोर्टों का संज्ञान लेते हुए राजस्थान सरकार ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के प्रावधानों के तहत अग्रवाल और माथुर के खिलाफ जांच को मंजूरी दी.

रिपोर्ट आने के कुछ दिनों बाद ही दोनों अधिकारियों को उनके मौजूदा पदों से हटा दिया गया और अगले आदेश तक उनके प्रशासनिक विभागों से संबद्ध कर दिया गया.

रिपोर्ट के मुताबिक, ये खरीद दो चरणों में हुई थी. पहली बार सितंबर 2023 में और दूसरी बार इसी साल मार्च में. इन संपत्तियों की कुल कीमत 6.15 करोड़ रुपये थी. आरोप है कि दंपति ने इन्हीं रिसॉर्ट्स को कंपनी को सालाना 4 लाख से 5 लाख रुपये के किराये पर लीज पर भी दिया था.

कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) में दाखिल अपनी अचल संपत्ति रिटर्न (IPR) में अग्रवाल ने अपने नाम पर 10 लाख रुपये में 10 विला खरीदने की जानकारी दी थी. बिक्री के दस्तावेज पर 29 सितंबर 2023 को हस्ताक्षर किए गए थे. दूसरी ओर, माथुर दंपति के IPR में ऐसी कोई जानकारी नहीं दी गई है.

दिप्रिंट ने चल रही ACB जांच के संबंध में अग्रवाल और माथुर, दोनों से संपर्क किया है. उनका जवाब मिलने पर खबर को अपडेट किया जाएगा.

(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)


यह भी पढ़ें: भारत और चीन को बांटने वाली रेखा साम्राज्यों, साजिशों और कल्पना से खींची गई थी


 

share & View comments