हैदराबाद: आंध्र प्रदेश में तेलुगु देशम पार्टी (TDP) के नेतृत्व वाला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) 13 में से 10 नगर निगमों और करीब 65 नगरपालिकाओं में आगे चल रहा है. राज्य के 92 शहरी स्थानीय निकायों (ULB) में मतगणना अभी जारी है.
ULB चुनावों में जीत NDA गठबंधन के लिए सरकार के ढाई साल पूरे होने से पहले एक बड़ी राजनीतिक मजबूती साबित हो सकती है. गठबंधन दिसंबर में सत्ता में अपने ढाई साल पूरे करेगा.
केंद्रीय ग्रामीण विकास और संचार राज्य मंत्री डॉ. पेम्मासानी चंद्रशेखर ने कहा कि स्थानीय निकाय चुनावों के नतीजे TDP के नेतृत्व वाली सरकार के सुशासन पर जनता की मजबूत मुहर हैं. उन्होंने इस जीत का श्रेय एकजुट नेतृत्व और विकास के स्पष्ट विजन को दिया. मंगलवार को मंगलागिरी स्थित NTR भवन में TDP के केंद्रीय कार्यालय में बोलते हुए पेम्मासानी ने कहा कि स्थानीय चुनावों में मिला भारी जनादेश गठबंधन के प्रति लोगों के भरोसे का सबूत है.
पार्टी कार्यालय में मीडिया से बात करते हुए पेम्मासानी ने कहा, “श्रीकाकुलम से लेकर कुप्पम तक अलग-अलग इलाकों में हुए चुनाव शांतिपूर्ण रहे. NDA गठबंधन ने 90 फीसदी से ज्यादा सीटों पर निर्णायक जीत हासिल की है.”
मंगलवार शाम 6 बजे तक कई मतगणना केंद्रों पर गिनती जारी थी. राज्य चुनाव आयोग (SEC) ने बताया कि मंगलवार सुबह 8 बजे मतगणना शुरू हुई. हालांकि, प्रकाशम और बापटला जिलों में चक्रवात मुरासु के कारण भारी बारिश हुई, इसलिए वहां मतगणना सुबह 11.30 बजे शुरू हुई.
आंध्र प्रदेश SEC कार्यालय के एक अधिकारी ने ThePrint को बताया, “मतगणना आधी रात तक जारी रहेगी. इसके पूरा होने के बाद SEC और नगर प्रशासन निदेशालय को इसकी जानकारी दी जाएगी. वे कल अंतिम नतीजों की घोषणा करेंगे.”
आंध्र प्रदेश में TDP, जन सेना पार्टी (JSP) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के गठबंधन NDA का मुकाबला YSR कांग्रेस पार्टी (YSRCP) से है. TDP ने 10 नगर निगमों में अपने उम्मीदवार उतारे हैं. JSP ने एलुरु और विजयवाड़ा में अपने उम्मीदवार खड़े किए हैं, जबकि अनंतपुर नगर निगम BJP के लिए छोड़ा है. विपक्षी YSRCP सभी 13 मेयर पदों पर चुनाव लड़ रही है.
स्थानीय नगरपालिकाओं और नगर पंचायतों में अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए TDP ने 49 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं. जन सेना और BJP ने क्रमशः 17 और चार सीटों पर चुनाव लड़ने पर सहमति जताई है. YSRCP ने उन सभी 70 पदों पर चुनाव लड़ा, जहां मतदान हुआ.
ULB चुनाव 1 नवंबर को हुए थे और 138 केंद्रों पर 3,186 वार्डों के वोटों की गिनती की जा रही है. राज्य चुनाव आयोग (SEC) की वेबसाइट पर जारी आंकड़ों के मुताबिक, चुनाव में कुल 62.16 फीसदी मतदान हुआ. रिपोर्टों के मुताबिक, SEC ने विशाखापत्तनम और विजयवाड़ा के मतगणना केंद्रों पर कड़ी पुलिस सुरक्षा के निर्देश दिए हैं. इन दोनों नगर निगमों के मेयर पदों पर NDA और YSRCP के उम्मीदवारों के बीच कड़ा मुकाबला माना जा रहा है.
SEC की रिपोर्ट के मुताबिक, सुरक्षा और निगरानी के लिए 47,000 से ज्यादा पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है. स्ट्रॉन्ग रूम और मतगणना हॉल में 1,372 CCTV कैमरे लगाए गए हैं, ताकि पूरी प्रक्रिया पर नजर रखी जा सके.
आंध्र प्रदेश SEC ने कडप्पा नगर निगम के वार्ड 15 के मतदान केंद्र 15/2 पर दोबारा मतदान कराने का आदेश दिया था. आयोग ने कहा था कि इस बूथ पर कब्जा कर लिया गया था. 1 नवंबर को जारी अपने आदेश में SEC ने अगले दिन दोबारा मतदान कराने का निर्देश दिया. आयोग ने कहा था, “मतदान प्रक्रिया प्रभावित हुई और इस तरह मतदाताओं को अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने से वंचित कर दिया गया.”
YSRCP के संस्थापक वाईएस जगन मोहन रेड्डी का गढ़ माने जाने वाले कडप्पा और पुलिवेंदुला में हिंसा और आगजनी की छिटपुट घटनाएं हुईं. TDP और YSRCP के कार्यकर्ताओं के बीच झड़पों में कम से कम तीन कारों, 10 मोटरसाइकिलों और एक ट्रैक्टर को आग लगा दी गई.
इसके अलावा, बूथ पर कब्जे और हिंसा के कारण पांच जिलों के सात शहरी स्थानीय निकायों के 12 वार्डों में भी दोबारा मतदान कराने का आदेश दिया गया. इनमें कडप्पा भी शामिल है. SEC ने यह जानकारी दी.
मतगणना के दिन शुरुआती नतीजों पर प्रतिक्रिया देते हुए YSRCP अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष TJR सुधाकर बाबू ने 3 नवंबर को आंध्र प्रदेश के राजनीतिक इतिहास का काला दिन बताया. उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने पुलिस की ताकत, डराने-धमकाने और TDP के गुंडों के जरिए पूरी नगरपालिका चुनाव प्रक्रिया पर कब्जा कर लिया. YSRCP के केंद्रीय कार्यालय में बोलते हुए उन्होंने कहा कि चंद्रबाबू ने स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों के जरिए जनता का जनादेश लेने के बजाय दिनदहाड़े लोकतंत्र की हत्या कर दी.
इससे पहले 2021 में हुए चुनावों में YSR कांग्रेस पार्टी (YSRCP) ने बड़ी जीत हासिल की थी. पार्टी ने राज्य के सभी 13 नगर निगमों में जीत दर्ज की थी और उसके मेयर चुने गए थे.
ULB चुनाव पूरे होने के बाद मंडल परिषद प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्रों (MPTC) और जिला परिषद प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्रों (ZPTC) के चुनाव, जो 3 नवंबर को होने थे, टाल दिए गए हैं. अब ये चुनाव 5 नवंबर को होंगे और इनके नतीजे दो दिन बाद घोषित किए जाएंगे. SEC ने 28 अक्टूबर को जारी अधिसूचना में यह जानकारी दी थी.
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