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Thursday, 25 June, 2026
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TMC के ‘दर्जी’ तंज से लेकर मंत्री पद तक—रेप सर्वाइवर्स को न्याय दिलाने पर अग्निमित्रा पॉल का जोर

अग्निमित्रा पॉल ने टॉलीवुड सेलिब्रिटीज़ और श्रीदेवी, मिथुन चक्रवर्ती, ईशा देओल और हेमा मालिनी जैसे बॉलीवुड स्टार्स के लिए डिज़ाइनिंग करके अपनी पहचान बनाई.

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कोलकाता: पश्चिम बंगाल की शहरी विकास और नगर मामलों की मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने याद किया कि 2000 के दशक की शुरुआत में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) नेताओं ने उन्हें लाइव टीवी पर फैशन डिजाइनर होने के लिए कैसे मजाक का पात्र बनाया था. ममता बनर्जी की अगुवाई वाली पार्टी लगातार उनकी राजनीतिक क्षमता पर सवाल उठाती थी.

पॉल, जो महिला एवं बाल विकास मंत्री भी हैं, ने दिप्रिंट को दिए एक खास इंटरव्यू में कहा, “तृणमूल कांग्रेस मुझे दर्जी कहती थी. एक सफल फैशन डिजाइनर के रूप में मेरी पिछली पहचान का मजाक उड़ाया जाता था और यह संकेत दिया जाता था कि मैं राजनीति की कठिन दुनिया के लिए उपयुक्त नहीं हूं.”

फैशन डिजाइनर के रूप में पॉल ने न सिर्फ टॉलीवुड सितारों के लिए डिजाइनिंग करके नाम कमाया था, बल्कि उन्होंने बॉलीवुड में भी अपनी पहचान बनाई थी. उन्होंने श्रीदेवी, मिथुन चक्रवर्ती, ईशा देओल और हेमा मालिनी जैसे कलाकारों को स्टाइल किया था.

श्रीदेवी के साथ उनका रिश्ता इतना करीबी था कि जब 24 फरवरी 2018 को दुबई में दुर्घटनावश डूबने से अभिनेत्री की मौत हुई, तो दुखी पॉल ने कहा था कि उन्होंने “एक बहन खो दी है.”

अब पॉल एक मिशन पर हैं. उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता न्याय दिलाना और दोषियों को सजा दिलवाना है.

उन्होंने कहा, “मेरी सबसे बड़ी प्राथमिकता उन महिलाओं को न्याय दिलाना है जिनके साथ 2021 में विधानसभा चुनाव परिणामों के बाद सिर्फ भाजपा के लिए काम करने के कारण बलात्कार किया गया था.”

‘2021 की बलात्कार पीड़िताओं को न्याय चाहिए’

2021 में पॉल भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष थीं. उन्होंने दावा किया कि उन्होंने विधानसभा चुनाव परिणामों के बाद हुई भयावह हिंसा को करीब से देखा था.

उन्होंने कहा, “निशाना बनाई गई कई महिलाएं औपचारिक रूप से पार्टी की सदस्य भी नहीं थीं. वे बूथ कार्यकर्ता, समर्थक और आम नागरिक थीं. टीएमसी कार्यकर्ताओं और समर्थकों के हाथों उन्हें जिस क्रूरता का सामना करना पड़ा, उसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती. मैं और मेरे पार्टी सहयोगी बंगाल भर से हिंसा की रिपोर्टें प्राप्त करते हुए अनगिनत रातें जागते रहे.”

पश्चिम बंगाल सरकार ने 2021 के चुनाव बाद हुई हिंसा से जुड़े सभी मामलों, खासकर महिलाओं के खिलाफ अपराध वाले मामलों की समीक्षा का आदेश दिया है. यह हिंसा टीएमसी द्वारा भाजपा को हराने के बाद हुई थी.

टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, पूरे बंगाल में ऐसे लगभग 300 मामले हैं, जिनमें कोलकाता के कई मामले भी शामिल हैं.

रिपोर्ट में कहा गया है, “यह कदम एक लंबी कानूनी लड़ाई के बाद उठाया गया है, जो सुप्रीम कोर्ट तक पहुंची थी. सुप्रीम कोर्ट ने कलकत्ता हाई कोर्ट के उस आदेश को बरकरार रखा था जिसमें 2021 चुनावों के बाद हुई हिंसा से जुड़े हत्या और बलात्कार जैसे गंभीर अपराधों की जांच का निर्देश दिया गया था.”

पॉल ने दिप्रिंट से कहा कि हर मामले की जांच की जाएगी.

उन्होंने कहा, “मैं चाहती हूं कि सभी पीड़िताएं सामने आएं. मेरी सभी पीड़ितों से अपील है कि वे पुलिस के पास जाएं, शिकायत दर्ज कराएं और चुप न रहें. हर मामले की जांच होगी.”

मंत्री ने कहा कि उन्हें पता है कि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति समुदायों की ऐसी महिलाएं भी होंगी जो उस समय यौन हिंसा का शिकार हुई होंगी.

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने इन मामलों की जांच के लिए जस्टिस शम्पा घोष और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी दामयंती सेन की अध्यक्षता में एक आयोग पहले ही गठित कर दिया है.

उन्होंने कहा, “हम यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं कि न्याय मिले और कोई भी दोषी जवाबदेही से बच न सके. हम नहीं चाहते कि किसी को लगे कि 2021 की घटनाएं भुला दी गई हैं.”

पॉल ने कहा कि महिला एवं बाल विकास मंत्री होने के नाते वह यह सुनिश्चित करना चाहती हैं कि राज्य की महिलाएं खुद को सुरक्षित महसूस करें.

उन्होंने कहा, “पिछली सरकार ने महिलाओं की सुरक्षा का मजाक बना दिया था. सिर्फ 2021 के चुनाव बाद हुए बलात्कार ही नहीं, बल्कि आर.जी. कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में युवा डॉक्टर के साथ बलात्कार और हत्या, और उसके तुरंत बाद कस्बा स्थित साउथ कोलकाता लॉ कॉलेज परिसर में 24 वर्षीय छात्रा के साथ सामूहिक बलात्कार और हमले ने भी बंगाल को बदनाम किया.”

पॉल ने कहा कि स्थिति इतनी खराब थी कि एक महिला मुख्यमंत्री (ममता बनर्जी) भी 2012 के पार्क स्ट्रीट बलात्कार मामले जैसी चर्चित घटनाओं को “सजानो घटना” यानी “गढ़ी हुई कहानी” कहकर खारिज कर देती थीं.

संयोग से, पार्क स्ट्रीट बलात्कार मामले की गहन जांच करने के कारण टीएमसी ने कथित रूप से दामयंती सेन को किनारे कर दिया था.

पॉल ने कहा, “ऐसे अपराध किसी भी समाज में हो सकते हैं, लेकिन सरकार की जिम्मेदारी है कि वह तेजी और प्रभावी तरीके से प्रतिक्रिया दे. पिछली सरकार में पीड़ितों को एक थाने से दूसरे थाने तक भटकना पड़ता था क्योंकि एफआईआर दर्ज ही नहीं की जाती थी.”

उन्होंने कहा कि अब हर शिकायत पर तुरंत जीरो एफआईआर दर्ज की जाएगी और उसके बाद जांच होगी.

पॉल ने कहा, “हमारे संकल्प पत्र में किए गए वादे के अनुसार हर पुलिस थाने में महिला सहायता डेस्क बनाई जा रही हैं. हर उपमंडल में कम से कम एक समर्पित महिला थाना होगा, जहां महिला अधिकारी तैनात होंगी. हम पूरे पश्चिम बंगाल में सीसीटीवी कवरेज भी बढ़ा रहे हैं ताकि निगरानी और जवाबदेही मजबूत हो सके.”

‘सालों की उपेक्षा ने बंगाल को कमजोर किया’

मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली पश्चिम बंगाल की पहली भाजपा सरकार तेजी से विकास और लंबे समय से लंबित प्रशासनिक चुनौतियों को हल करने के लिए “डबल इंजन” एजेंडा पर काम कर रही है.

मई में सत्ता संभालने के बाद नई सरकार ने पहले कुछ ही हफ्तों में काफी सक्रियता दिखाई है.

पॉल ने कहा कि सरकार महिलाओं की सुरक्षा के लिए स्वच्छ ऐप से प्रेरित एक तकनीक आधारित सुरक्षा तंत्र पर भी काम कर रही है.

उन्होंने कहा, “हम महिलाओं की सुरक्षा के लिए इसी तरह की व्यवस्था लाना चाहते हैं. किसी भी आपात स्थिति में महिलाएं और बच्चे अलर्ट भेज सकेंगे, जिससे नजदीकी पुलिस थाना तुरंत कार्रवाई कर सकेगा.”

शहरी विकास और नगर मामलों की मंत्री के रूप में पॉल के सामने पश्चिम बंगाल को मानसून के लिए तैयार करने की भी बड़ी जिम्मेदारी है.

उन्होंने कहा, “हालांकि हमारी सरकार के पास बहुत कम समय था, लेकिन हमने जल निकासी और मानसून की तैयारियों पर काम शुरू कर दिया है. मैंने खुद कई जलभराव प्रभावित क्षेत्रों, जिनमें एयरपोर्ट क्षेत्र भी शामिल है, का दौरा किया और भाजपा सांसदों, विधायकों, नगरपालिकाओं और निगमों को नालियों, नहरों और जलमार्गों की सफाई शुरू करने के निर्देश दिए.”

पॉल ने कहा कि कोलकाता की जल निकासी की समस्या बहुत गहरी और संरचनात्मक है.

उन्होंने कहा कि ड्रेनेज नेटवर्क के अलग-अलग हिस्सों की देखभाल कई विभागों के जिम्मे है. कई जगहों पर खराब योजना वाली निर्माण और सौंदर्यीकरण परियोजनाओं के कारण मैनहोल और नालियां ढक दी गईं या क्षतिग्रस्त हो गईं.

उन्होंने कहा, “एयरपोर्ट के पास कुछ इलाकों में बड़ी नहरों पर भारी अतिक्रमण हो चुका है. महत्वपूर्ण जल निकासी ढांचे के ऊपर सड़कें, मकान और अन्य निर्माण कर दिए गए हैं. क्या हम यह मान लें कि पिछले 15 वर्षों तक राज्य चलाने वाले नगर प्रशासन के जिम्मेदार लोगों को इसकी जानकारी नहीं थी? निश्चित रूप से उन्हें पता था.”

पॉल ने आरोप लगाया कि कई मामलों में लोगों को पैसे लेकर सरकारी जमीन और महत्वपूर्ण ड्रेनेज ढांचे पर मकान या दुकानें बनाने की अनुमति दी गई.

उन्होंने कहा, “सालों की उपेक्षा और अनियंत्रित अतिक्रमण ने बंगाल के शहरी ढांचे को गंभीर रूप से कमजोर कर दिया है और बार-बार होने वाले जलभराव की समस्या को बढ़ाया है. मानसून आने वाला है और हमारे पास बहुत कम समय है. फिर भी हमारे अधिकारी, सफाईकर्मी और फील्ड टीमें युद्ध स्तर पर काम कर रही हैं ताकि रुकावटों को दूर किया जा सके और जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाया जा सके.”

(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)


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