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Thursday, 25 June, 2026
होमदेश‘युवाओं से माफी मांगें और इस्तीफा दें’: राहुल गांधी का केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर हमला

‘युवाओं से माफी मांगें और इस्तीफा दें’: राहुल गांधी का केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर हमला

उल्लेखनीय है कि 21 जून को राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET-UG) 2026 की पुनर्परीक्षा देशभर और विदेश के 14 केंद्रों पर आयोजित की गई थी. हालांकि परीक्षा प्रक्रिया पेपर लीक विवाद की छाया में रही.

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नई दिल्ली: राहुल गांधी ने गुरुवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने छात्रों का अपमान किया है. राहुल गांधी ने मांग की कि धर्मेंद्र प्रधान देश के युवाओं से माफी मांगें और अपने पद से इस्तीफा दें.

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में राहुल गांधी ने कहा कि सत्ता के अहंकार में डूबी केंद्र सरकार अब अपने अधिकार, निष्पक्ष परीक्षाओं और सुरक्षित भविष्य की मांग करने वाले छात्रों को निशाना बना रही है.

उन्होंने लिखा, “सत्ता के अहंकार में डूबी मोदी सरकार अब इस मुकाम पर पहुंच गई है, जहां शिक्षा मंत्री उन छात्रों को ‘आतंकवादी’ कह रहे हैं जो सिर्फ अपने अधिकार, निष्पक्ष परीक्षाओं और सुरक्षित भविष्य की मांग कर रहे हैं.”

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि बार-बार होने वाले पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था की विफलताओं ने देश के लाखों छात्रों के भविष्य को प्रभावित किया है.

उन्होंने कहा, “जरा सोचिए, जिनकी नाकामी की वजह से इतने पेपर लीक हुए, जिनके शासन में 20 बच्चों की जान चली गई और जिन्होंने करोड़ों युवाओं का भविष्य अंधकार में धकेल दिया, वही आज पीड़ित छात्रों और आवाज उठाने वालों को ‘आतंकवादी’ कह रहे हैं.”

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि सरकार आलोचकों और विरोध करने वालों को अपमानजनक नामों से संबोधित करने की राजनीति करती रही है. उन्होंने कहा, “किसानों को ‘पेशेवर आंदोलनकारी’ और ‘परजीवी’ कहा गया, सवाल पूछने वालों को ‘राष्ट्रविरोधी’ बताया गया और अब युवाओं को ‘आतंकवादी’ कहा जा रहा है.”

राहुल गांधी ने कहा, “सरकार से सवाल पूछो तो आपको देशद्रोही बता दिया जाता है, यही इनकी राजनीति है. धर्मेंद्र प्रधान तुरंत देश के करोड़ों युवाओं से माफी मांगें और अपनी विफलताओं की जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दें.”

शिक्षा व्यवस्था पर निशाना साधते हुए राहुल गांधी ने कहा कि उन्होंने पहले भी कोटा में यह मुद्दा उठाया था और आगे भी उठाते रहेंगे.

उन्होंने कहा, “मैंने कोटा में कहा था और आज फिर कह रहा हूं कि देश की शिक्षा व्यवस्था एक तरह की वसूली व्यवस्था बन गई है. मैं इसे ऐसे नहीं चलने दूंगा. हर बच्चे को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तथा निष्पक्ष परीक्षा मिले, इसके लिए मैं लगातार आवाज उठाता रहूंगा.”

राहुल गांधी की यह टिप्पणी उस बयान के बाद आई है जिसमें धर्मेंद्र प्रधान ने जंतर-मंतर पर उनके इस्तीफे की मांग को लेकर हुए प्रदर्शन को “व्यवस्था को बाधित करने वाली ताकतों की बी-टीम” बताया था.

प्रधान ने कहा था, “जो लोग लोकतंत्र में नकार दिए गए, वे अब भेष बदलकर व्यवस्था के पीछे पड़ गए हैं. वे उन लोगों के लिए नारे लगाते हैं जो देश को बांटना चाहते हैं.”

उल्लेखनीय है कि 21 जून को राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET-UG) 2026 की पुनर्परीक्षा देशभर और विदेश के 14 केंद्रों पर आयोजित की गई थी. हालांकि परीक्षा प्रक्रिया पेपर लीक विवाद की छाया में रही.

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