एक सूत्र ने कहा, 'बातचीत का जोर इंडो-पैसिफिक था और इस पर सहयोग करने की आवश्यकता थी. अमेरिकी अर्थों में इंडो-पैसिफिक एक विशाल क्षेत्र है और, हमारे अर्थ में, बहुत अधिक प्रतिबंधित क्षेत्र है.'
बैठक के दौरान बाइडन ने कहा कि रूस से अपने तेल आयात में तेजी लाना या इसे बढ़ाना भारत के हित में नहीं है. अभी भारत अपनी जरूरत का एक से दो फीसदी तेल रूस से जबकि 10 फीसदी तेल अमेरिका से आयात करता है.