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Saturday, 7 February, 2026
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भारत के हेल्थ इन्फ्लुएंसर नई व्हाट्सऐप यूनिवर्सिटी बन गए हैं, फैक्ट-चेकर्स बेबस

हेल्थ कंटेंट अब हर जगह है—डिजिटल दुनिया में बिखरा हुआ. कहा जाता है कि प्याज़ “पैरों से ज़हर खींच लेती है,” और खीरा “ग्लूकोमा ठीक कर देता है.”

आर्यभट से आयुर्वेद तक: NEP कैसे भारत के पुराने नॉलेज सिस्टम्स के ज़रिए कर रहा है एकेडमिक रिवाइवल

भारतीय नॉलेज सिस्टम्स के क्रिटिक्स का कहना है कि सरकार की यह पहल एकेडमिक से ज़्यादा आइडियोलॉजी पर आधारित लगती है.

लीडरशिप पोजिशन तक पहुंचे CAPF अफसर लेकिन सरकार अब खुद ही रास्ता रोक रही है

सीएपीएफ में नेतृत्व के पदों पर आईपीएस अफसरों की तैनाती जारी है, जो औपनिवेशिक क्षेत्रों पर वाइसरॉय के शासन की याद दिलाती है.

भारत का BRTS: ‘वर्ल्ड-क्लास’ समाधान कैसे समस्याओं का केंद्र बन गया

भारत में बस रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (BRTS) शहरी योजना की ‘कॉपी-पेस्ट’ सोच के महंगे और नाकाम उदाहरण बन गए हैं. जयपुर और पुणे में इन्हें हटाया जा रहा है, जबकि हुब्बल्ली-धारवाड़ में इसके विरोध में प्रदर्शन हो रहे हैं.

एशिया कप में भारत Vs पाकिस्तान? आखिर, आतंक फैलाने वाले पाकिस्तान के साथ क्रिकेट अच्छा कारोबार है

अगर आप खेल संबंधी प्रतिबंधों के सिद्धांत को मानते हैं, तो आपको बस यह पूछना है: क्या रंगभेद वाले दक्षिण अफ्रीका और आज के पाकिस्तान में कोई फर्क है?

बिहार का SIR लोकतंत्र विरोधी नहीं है, अवैध प्रवासी चुनावों को प्रभावित नहीं कर सकते हैं

चूंकि, सभी गैर-एनडीए दल बिहार में ‘एसआईआर’ को रद्द करने की एकजुट होकर मांग कर रहे हैं इसलिए यह माना जा सकता है कि अपना वोट बैंक खोने का डर उन्हें सबसे ज्यादा है.

NEP की हकीकत: DU से मोतिहारी तक—गोडाउन जैसे कैंपस, बिना लैब के रिसर्च, 4 साल की डिग्री के लिए जगह नहीं

एक तरफ जहां भारत में अंतरराष्ट्रीय यूनिवर्सिटियों की एंट्री और विदेशों में IITs का विस्तार हो रहा है, वहीं कई सरकारी संस्थान NEP 2020 की बुनियादी सिफारिशें लागू करने में भी जूझ रहे हैं.

अकबर को ‘द ग्रेट’ बनाया हिंदुओं ने, मुसलमान तो उससे खफा ही रहे

अकबर ने जो बातें दूसरों को सीखने के लिए कहीं, उन्हें खुद भी अपनी ज़िंदगी में अपनाया. हिंदू धर्म और इस्लाम के अलावा दूसरे धर्मों के प्रति उसका जो सम्मान था, वो सिर्फ उसकी राजनीति में नहीं, बल्कि उसकी अपनी आस्था और निजी व्यवहार में भी साफ दिखाई देता था.

जय जवान, जय किसान से लेकर CVC तक—शास्त्री ने जो कहा, वही किया, लेकिन भ्रष्टाचार मिटाना आसान नहीं था

लाल बहादुर शास्त्री द्वारा बनाई गई संथानम कमेटी की सबसे बड़ी चिंता यह थी कि जो भ्रष्टाचार पहले सिर्फ निचले स्तर के अफसरों तक सीमित था, वह अब ऑल इंडिया सर्विसेज़ और राजनीतिक नेतृत्व तक पहुंच चुका है.

NEP की दो तस्वीर: कहीं सेंसरी क्लासरूम और हाई-टेक लैब, तो कहीं दरी पर बैठे बच्चे, शिक्षक तक नहीं

राष्ट्रीय शिक्षा नीति ज़मीनी स्तर पर कैसे लागू हो रही है, इसे समझने के लिए दिप्रिंट ने दिल्ली के एक मॉडल प्राइवेट स्कूल और हरियाणा के दो सरकारी स्कूलों का दौरा किया.

मत-विमत

डियर नरेंद्रभाई: बांग्लादेश चुनाव से भारत–बांग्लादेश के रिश्तों को ‘रीसेट’ करने का मौका है

अगले वीकेंड तक बांग्लादेश में एक चुनी हुई सरकार बन जाएगी. यह भारत के लिए मौका है कि वह चुनाव वाले पश्चिम बंगाल और असम में ‘घुसपैठिया’ वाली भाषा को नरम करके बिगड़े रिश्तों को फिर से ठीक करे.

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राजनीति

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कौशल विकास भारत की समुद्री विकास गाथा की रीढ़ : सोनोवाल

(फाइल फोटो के साथ) पालघर/मुंबई, सात फरवरी (भाषा) केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने शनिवार को कहा कि कौशल विकास भारत की समुद्री विकास गाथा...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.