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Sunday, 1 March, 2026
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तमिलनाडु की राजनीति दरारों से त्रस्त हो रही है, विजय की ‘एंट्री’ से इसमें और मंथन हो सकता है

राज्य में संशयवादी, स्थापित तथा मजबूत दलों, और सियासतबाजी के कारण भारी उदासीनता का भाव हावी है.

बड़े निजी अस्पताल और बीमा कंपनियां आमने-सामने, क्या है GIC की ‘कॉमन एम्पैनलमेंट’ योजना?

कुछ अस्पतालों और बीमा कंपनियों में विवाद के बीच, जनरल इंश्योरेंस काउंसिल ‘कॉमन एम्पैनलमेंट’ मॉडल पर काम कर रहा है, जो अस्पताल और बीमा कंपनियों के बीच सभी समझौतों को एक जैसा बना देगा.

क़तर ने निभाई दोहरी भूमिका—शांति दूत भी और कट्टरपंथियों का ठिकाना, अब छिपने की कोई जगह नहीं बची

दुनिया की व्यवस्था दबाव में डगमगा रही है, ऐसे में शांति बनाना अब पहले से भी ज़्यादा ख़तरनाक काम हो गया है.

भारत कैसे टिका रहा जबकि पड़ोसी देश नेपाल, बांग्लादेश, पाकिस्तान बार-बार बिखरते रहे

जो लोग कहते हैं कि भारत को हिंदू राष्ट्र होना चाहिए, उन्हें नेपाल को गौर से देखना चाहिए. वहां की आबादी भारी संख्या में हिंदू है, फिर भी इससे देश की स्थिरता पर कोई फर्क नहीं पड़ा.

ऑर्गन डोनर्स की कमी ने बढ़ाई परेशानी, भारत में परिवारों का संघर्ष: लालफीताशाही और अविश्वास

केडी अस्पताल में हर महीने 7 से 8 ट्रांसप्लांट सर्जरी होती हैं. लेकिन मृतक दाता से अंगदान की संख्या बहुत कम है. पूरे साल में सिर्फ 6 से 7 ही केस होते हैं.

भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद और हिट-एंड-रन—कैसे Gen Z का गुस्सा नेपाल की सड़कों पर उमड़ पड़ा

ताजा घटनाक्रम यह गंभीर सबक सिखाता है कि युवा पीढ़ी की ताकत को कमतर न समझें, वह भविष्य को बूढ़ी जमात के मुकाबले बेहतर नज़र से देखती है. 1990 और 2006 के जन आंदोलन के बाद से नेपाल को धोखा दे चुके शासक वर्ग से वह बुरी तरह निराश हो चुकी है.

‘तेंदुए’ उमर खालिद के ही नहीं बल्कि आपकी जिंदगी के भी कुछ साल खा सकते हैं

यह सब केवल भारत में ही नहीं चल रहा है. दुनियाभर में जो लोग तानाशाही की अतिवादी कार्रवाइयों पर तालियां बजाते हैं वे पाते हैं कि बुलडोजर उनके दरवाजे पर भी आ पहुंचा है

DDA और DU की साझेदारी से दिल्ली में आई बायोडायवर्सिटी पार्क क्रांति, दूसरे शहरों के लिए सबक

दिल्ली के सात बायोडायवर्सिटी पार्क—अरावली, नीला हौज, नॉर्दर्न रिज, तिलपत वैली, तुगलकाबाद और कलिंदी—भारत में सफल शहरी वनों के प्रोजेक्ट का एक अनोखा मॉडल बन गए हैं.

लिपुलेख से फिर शुरू हुआ भारत-चीन व्यापार, सीमा के व्यापारियों में उम्मीदें और चिंता दोनों

तीन दशकों के अंतराल के बाद 1992 में लिपुलेख दर्रे से भारत-चीन सीमा व्यापार फिर शुरू हुआ, लेकिन व्यापार की मात्रा पहले जैसी नहीं रही क्योंकि जिन बाज़ारों को यह जोड़ता था वे हाईवे से बेहतर तरीके से जुड़े हुए थे.

हरियाणा के बूढ़े पेड़, 3,000 रुपये की पेंशन और लंबी लालफीताशाही

हरियाणा की प्राण वायु देवता योजना के तहत 75 साल से पुराने पेड़ों को हर साल पेंशन दी जाती है ताकि राज्य के इन पुराने दिग्गज पेड़ों की देखभाल हो सके, लेकिन कई पेड़ अब भी इंतज़ार में हैं.

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दीपक गुप्ता ने गेल के चेयरमैन का पद संभाला

नयी दिल्ली, एक मार्च (भाषा) ऊर्जा क्षेत्र के अनुभवी कार्यकारी दीपक गुप्ता ने देश की सबसे बड़ी गैस पारेषण और विपणन कंपनी गेल...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.