जो लोग कहते हैं कि भारत को हिंदू राष्ट्र होना चाहिए, उन्हें नेपाल को गौर से देखना चाहिए. वहां की आबादी भारी संख्या में हिंदू है, फिर भी इससे देश की स्थिरता पर कोई फर्क नहीं पड़ा.
केडी अस्पताल में हर महीने 7 से 8 ट्रांसप्लांट सर्जरी होती हैं. लेकिन मृतक दाता से अंगदान की संख्या बहुत कम है. पूरे साल में सिर्फ 6 से 7 ही केस होते हैं.
ताजा घटनाक्रम यह गंभीर सबक सिखाता है कि युवा पीढ़ी की ताकत को कमतर न समझें, वह भविष्य को बूढ़ी जमात के मुकाबले बेहतर नज़र से देखती है. 1990 और 2006 के जन आंदोलन के बाद से नेपाल को धोखा दे चुके शासक वर्ग से वह बुरी तरह निराश हो चुकी है.
यह सब केवल भारत में ही नहीं चल रहा है. दुनियाभर में जो लोग तानाशाही की अतिवादी कार्रवाइयों पर तालियां बजाते हैं वे पाते हैं कि बुलडोजर उनके दरवाजे पर भी आ पहुंचा है
दिल्ली के सात बायोडायवर्सिटी पार्क—अरावली, नीला हौज, नॉर्दर्न रिज, तिलपत वैली, तुगलकाबाद और कलिंदी—भारत में सफल शहरी वनों के प्रोजेक्ट का एक अनोखा मॉडल बन गए हैं.
तीन दशकों के अंतराल के बाद 1992 में लिपुलेख दर्रे से भारत-चीन सीमा व्यापार फिर शुरू हुआ, लेकिन व्यापार की मात्रा पहले जैसी नहीं रही क्योंकि जिन बाज़ारों को यह जोड़ता था वे हाईवे से बेहतर तरीके से जुड़े हुए थे.
हरियाणा की प्राण वायु देवता योजना के तहत 75 साल से पुराने पेड़ों को हर साल पेंशन दी जाती है ताकि राज्य के इन पुराने दिग्गज पेड़ों की देखभाल हो सके, लेकिन कई पेड़ अब भी इंतज़ार में हैं.
अगले वीकेंड तक बांग्लादेश में एक चुनी हुई सरकार बन जाएगी. यह भारत के लिए मौका है कि वह चुनाव वाले पश्चिम बंगाल और असम में ‘घुसपैठिया’ वाली भाषा को नरम करके बिगड़े रिश्तों को फिर से ठीक करे.