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Monday, 2 March, 2026
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जननायक से अकेले सोशलिस्ट तक — क्या है कर्पूरी ठाकुर की राजनीतिक विरासत

बिहार में चुनावी माहौल है और हर बड़ा दल खुद को कर्पूरी ठाकुर की विरासत का असली वारिस बता रहा है. दिप्रिंट आपको बता रहा है कि आखिर क्या कर्पूरी ठाकुर की राजनीतिक विरासत.

भारत में GI टैग की लहर लाने वाला शख्स—नाम है रजनी कांत

वाराणसी के सामाजिक कार्यकर्ता रजनी कांत, 2030 तक 10,000 जीआई टैग हासिल करने के मोदी सरकार के मिशन में एक अग्रणी प्रकाश स्तंभ हैं. यह भारत को फिर से 'सोने की चिड़िया' बनाने का उनका तरीका है.

8.82 लाख एग्जीक्यूशन पिटीशन अटकीं: अदालत में जीत के बाद भी न्याय के लिए लंबा इंतजार

कार्यकारी याचिकाएं क्या हैं, उन्हें मिनी सिविल सूट क्यों कहा जाता है और सुप्रीम कोर्ट की 6 महीने की समय सीमा के बावजूद भारत की जिला अदालतों में दशकों से 8 लाख से अधिक याचिकाएं क्यों लंबित हैं.

क्या भारत रिया चक्रवर्ती का कर्जदार है? सिर्फ माफी मांगकर बात खत्म नहीं होती

रिया चक्रवर्ती की मज़बूती सच्ची है, लेकिन बर्बादी भी उतना ही बड़ी सच्चाई है. हो सकता है उन्होंने इस सब से समझौता कर लिया हो, लेकिन उनकी ज़िंदगी उनसे छीन ली गई.

तोड़ने नहीं खोज करने वाला: वाराणसी के शाही परिवार ने कैसे ‘ब्रिटिश इतिहास’ के खिलाफ लड़ाई लड़ी

एक गलत औपनिवेशिक चित्रण ने बनारस के राजघराने पर 200 साल तक कलंक लगाया. प्रदीप नारायण सिंह ने सारनाथ में अपने पूर्वज जगत सिंह की सही छवि करवाने के लिए 5 साल तक अभिलेखों की छानबीन की.

जानिए, बिहार की जीविका दीदियों ने सरकार से मिले 10,000 रुपये कैसे खर्च किए

जीविका मिशन के 1.25 करोड़ सदस्यों में से एक करोड़ को 10,000 रुपये की पहली किस्त मिल चुकी है. नालंदा ज़िले के लाभार्थी इस पैसे का इस्तेमाल कैसे कर रहे हैं, यहां पढ़ें.

लद्दाख से मिजोरम तक भारत की सीमाएं अस्थिर हैं. अब एक नई आंतरिक सुरक्षा नीति की जरूरत है

कई सीमावर्ती राज्य अशांति की चपेट में हैं, चीन और पाकिस्तान इसका लाभ उठाते रहे हैं. बांग्लादेश पुराने जख्मों को कुरेद रहा है. मानो मैकबेथ’ की चुड़ैलें लड़ाई और अशांति के कढ़ाही में उबाल लाने के लिए नाच-गा रही हैं.

बुद्ध और मंडल से आगे का बिहार—क्यों 2025 के चुनाव भारतीय लोकतंत्र के लिए अहम हैं

यह बात अक्सर ध्यान में नहीं आती, लेकिन उत्तर भारत में बिहार ही एकमात्र ऐसा राज्य है जहां भाजपा अपने दम पर सत्ता में नहीं आई है. बिहार को उत्तर प्रदेश बनाने की पार्टी की चाहत को नज़रअंदाज़ नहीं किया जाना चाहिए.

‘हम भारत बनाते हैं, बिहार कौन बनाएगा?’ —छठ स्पेशल ट्रेन में सवार प्रवासियों की उदासी का सफर

यह बिहार का छठ महापर्व ही नहीं, बल्कि लोकतंत्र का सबसे बड़ा त्योहार—चुनाव—भी है. यह एक अहम पल है.

EBC पर RJD का भरोसा घटा, यादव वोट बैंक को तरजीह दे रही है पार्टी

RJD के अति पिछड़े वर्ग के उम्मीदवारों की संख्या 13.13 प्रतिशत से घटकर 11.19 प्रतिशत हो गई है. ऐसा इसलिए हो सकता है क्योंकि 2020 के बिहार विधानसभा चुनावों में पार्टी ने अति पिछड़े वर्ग के उम्मीदवारों में सबसे कम स्ट्राइक रेट देखा था.

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होली आपसी सद्भाव, प्रेम और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वांत रंजन

लखनऊ, एक मार्च (भाषा) राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के अखिल भारतीय प्रचारक प्रमुख स्वांत रंजन ने रविवार को कहा कि होली केवल रंगों का...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.