मुख्यधारा मीडिया में लगातार, लगभग एक जैसा नैरेटिव दिखाया जाता है: बंगाल ‘कानूनहीन’, बंगाल ‘हिंसक’, बंगाल ‘अस्थिर’. हर घटना को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया जाता है.
केरल में अपनी पकड़ बढ़ाने की कोशिश में बीजेपी ने ईसाइयों को ‘माइक्रो-माइनॉरिटी स्टेटस’ और ‘सरकारी योजनाओं, स्कॉलरशिप व सामुदायिक विकास के लाभों में बराबर पहुंच’ का वादा किया है.
राशिद अहमद मुगल के परिवार ने शव देने की मांग की, कहा—अगर इंसाफ नहीं मिला और ‘आतंकी’ का आरोप नहीं हटाया गया तो सड़कों पर उतरेंगे. J&K एल-जी पहले ही मजिस्ट्रेट जांच का आदेश दे चुके हैं.
वामपंथी खेमे ने अपने उम्मीदवारों की घोषणा जल्द करके चुनावी मैदान में ज़ोरदार शुरुआत की है, जिसके चलते UDF को अब उनकी बराबरी करने के लिए तेज़ी दिखानी पड़ रही है. BJP के नज़रिए से, यह चुनाव एक क्वार्टर-फ़ाइनल या सेमी-फ़ाइनल जैसा है.
नेहरू के प्रोत्साहन के बाद भारत ने इज़राइल की सहकारी समितियों को देखा और समझा, जिससे हमारे समाजवादी नेताओं को काफी प्रेरणा मिली और इससे ही खेती-बाड़ी सुधार और गांवों के विकास पर शुरूआती बहसें चल पड़ीं.
तेहरान जिन द्वीपों को ‘डूब न सकने वाले एयरक्राफ्ट कैरियर’ कहता है, उनका नेटवर्क स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ के पास शिपिंग मार्गों पर व्यापक नज़र रखने की क्षमता देता है, जबकि क्षेत्रीय टकराव खत्म होने के कोई संकेत नहीं हैं.
बीजेपी के घोषणा पत्र में 1950 के कानून का इस्तेमाल कर ‘अवैध प्रवासियों की पहचान और उन्हें वापस भेजने की प्रक्रिया तेज़’ करने का वादा, ताकि स्थानीय लोगों की जमीन, विरासत और सम्मान की रक्षा हो सके.