बुधवार को देहरादून के विकासनगर इलाके में दो भाइयों पर हमला होने के बाद खतरे की घंटी बज गई है, क्योंकि उन्होंने एक दुकानदार को अपनी कश्मीरी मुस्लिम पहचान बताई थी.
आरबीआई के आंकड़े बताते हैं कि छह साल में पर्सनल लोन तीन गुना हो गए हैं और कर्ज़ चुकाने में चूक बढ़ी है; सोशल मीडिया से बनी लाइफस्टाइल को बनाए रखने के लिए मिडिल क्लास कर्ज़ ले रहा है, जबकि असली मज़दूरी आधी रह गई है.
इकोनॉमिक सर्वे 2025-26 एक ऐसी अर्थव्यवस्था की तस्वीर पेश करता है जो ज़्यादा मज़बूत और ज़्यादा लचीली है. लेकिन यह एक बात भी साफ़ करता है: भारत की सबसे बड़ी चुनौती अब एग्जीक्यूशन है.
अगले वीकेंड तक बांग्लादेश में एक चुनी हुई सरकार बन जाएगी. यह भारत के लिए मौका है कि वह चुनाव वाले पश्चिम बंगाल और असम में ‘घुसपैठिया’ वाली भाषा को नरम करके बिगड़े रिश्तों को फिर से ठीक करे.