अगर मुख्य चुनाव आयुक्त और विपक्षी नेताओं के बीच रिश्ते बिगड़ते हैं, तो लोगों का चुनाव के नतीजों पर से भरोसा उठ सकता है. यह भारतीय लोकतंत्र के लिए सबसे बुरी स्थिति होगी.
जैसे-जैसे हम ‘आज़ादी का अमृत काल’ की ओर बढ़ रहे हैं, हमें अपने स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान याद रखने चाहिए और विकास की गति को और तेज़ करना होगा, ताकि सबको ऊर्जा और समृद्धि मिल सके.
राहुल गांधी और कांग्रेस अपने आरोपों पर कभी भी स्थिर नहीं रही है. वे अपनी हार की वजह अपने नेतृत्व की क्षमता और संगठन में ढूंढने के बजाय अलग-अलग प्रक्रियाओं में ढूंढते हैं. राहुल गांधी एक नेता की तरह नहीं, बल्कि गांव के मास्टर की तरह नजर आते हैं.
वरिष्ठ बुना-बुनाई श्रमिकों ने 2008 की आर्थिक मंदी, जीएसटी लागू होने और कोविड-19 जैसे पिछले संकटों को याद किया. "हर बार, उद्योग ने खुद को ढाल लिया और हालात सामान्य हो गए."
धनखड़ का 'पद से हटना', दिवंगत सत्यपाल मलिक के भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के साथ खराब रिश्ते और राजस्थान इकाई के जाट प्रवक्ता का निष्कासन अब पार्टी के लिए मुश्किलें खड़ी कर रहा है.
बार काउंसिल खुश नहीं हैं. आम लोगों को कानून की जानकारी देने और अपना नाम-पहचान बनाने के बीच की सीमा धुंधली हो रही है, इसलिए वे इसे ‘गैर-नैतिक प्रचार’ मानकर कार्रवाई कर रहे हैं.
आतंकवाद से निपटने के लिए पाकिस्तान सेना को ऐसी राजनीतिक इच्छाशक्ति दिखानी होगी, जो केंद्र के नेताओं को सीमावर्ती इलाकों से जोड़ सके. लेकिन शायद उसके पास इसके लिए जरूरी कल्पनाशक्ति न हो.
जो लोग शिकायत करते हैं कि हमारी नगरपालिकाएं कुत्तों को ठीक से आश्रय नहीं दे पा रहीं, वे शरणार्थियों और राजनीतिक उत्पीड़न के शिकार लोगों को दिए जा रहे बदहाल आश्रयों पर क्यों चिंता नहीं करते?
स्क्रूवॉर्म ने दशकों में पनामा में बनाई गई जैविक दीवार को तोड़ दिया है. यह कीड़ा लगातार उत्तर की ओर बढ़ रहा है—जिसमें ट्रंप की कमजोर विदेश नीति मदद कर रही है.