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Thursday, 26 March, 2026
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जनसंख्या का डर, ‘बिमारू’ की सोच और फ्रीज सीटें: जनगणना 2027 खोलेगी परतें

यह समझने के लिए कि 1971 को भारत की संसदीय सीटों का आधार क्यों बनाया गया, 1960 के दशक के उस माल्थसवादी डर को फिर से देखना होगा, जो विकास से जुड़ी सोच पर हावी था.

अविमुक्तेश्वरानंद: राम मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा से दूर, राहुल गांधी का बायकॉट, अब योगी सरकार से नाराज़

अविमुक्तेश्वरानंद पहले भी बीजेपी और कांग्रेस—दोनों के खिलाफ रुख ले चुके हैं. रविवार को उन्हें मौनी अमावस्या के दिन प्रयागराज में त्रिवेणी संगम पर पवित्र स्नान करने से रोका गया.

गलत उच्चारण से लेकर बकाया भुगतान तक—BJP की ‘बंगाल विरोधी’ सोच के 10 उदाहरण

बीजेपी-संघ परिवार की बंगाल विरोधी सोच का सबसे साफ उदाहरण उसके नेताओं द्वारा ममता बनर्जी के खिलाफ इस्तेमाल की गई बेहद पितृसत्तात्मक और महिला-विरोधी भाषा है.

राफेल का लंबा इंतज़ार खत्म: IAF को मिला उसका पसंदीदा लड़ाकू विमान

2000 के शुरुआती वर्षों में सीधे और ज्यादा मिराज विमान खरीदने के बजाय, ज़रूरत को बदलकर मिराज जैसी क्षमता वाले मीडियम वज़नी मल्टी-रोल फाइटर के पक्ष में किया गया.

तानों से ‘गोल मशीन’ बनने तक का सफर: 14 साल की अनुष्का कुमारी अब हैं भारत की उभरती फुटबॉल स्टार

अनुष्का कुमारी ने गांव के ऊबड़-खाबड़ मैदान में नंगे पांव, परिवार के विरोध के बावजूद लड़कों के साथ खेलना शुरू किया. तीन साल बाद, वह भारत की अंडर-17 ‘गोल मशीन’ हैं.

10 साल में 56% से 274% तक: 2024-25 में BJP-कांग्रेस के चुनावी खर्च का अंतर कैसे बढ़ गया

चुनाव आयोग को दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, बीजेपी ने चुनाव और प्रचार पर 3,355 करोड़ रुपये खर्च किए, जो कांग्रेस के 896 करोड़ रुपये से कहीं ज्यादा हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि संसाधन फायदा देते हैं, लेकिन वोट की गारंटी नहीं होते.

नितिन नबीन को अपने पूर्ववर्ती नड्डा से अलग रास्ता क्यों बनाना होगा

बड़ा सवाल यह है कि नितिन नबीन RSS के साथ कितनी सक्रियता से जुड़ेंगे. संघ को उनका नाम एक तय फैसले के तौर पर बताया गया—पुष्टि के लिए नहीं, सिर्फ जानकारी के लिए.

मादुरो की गिरफ्तारी से अमेरिकी सैन्य सटीकता और योजना के बारे में भारतीय सेना को क्या सबक लेना चाहिए

भारत के लिए असली अहमियत यह समझने में है कि वे सैन्य क्षमताएं और संयुक्त युद्ध की रणनीतियां क्या थीं, जिनकी वजह से ‘ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिज़ॉल्व’ संभव हो सका.

‘वह ठीक ही नहीं हो पाई’ —मणिपुर गैंगरेप पीड़िता का निधन, परिजनों को अब न्याय की कोई आस नहीं

2023 के मणिपुर संघर्ष के दौरान जब उसे गैंगरेप और मारपीट का शिकार बनाया गया, तब वह 18 साल की थी. अब तक एक भी गिरफ्तारी नहीं हुई है, और CBI ने अभी तक चार्जशीट दाखिल नहीं की है. चुराचांदपुर में लोग अब कैंडललाइट मार्च के लिए इकट्ठा हुए हैं.

GST से कार बिक्री बढ़ी, पर शहरों में जाम और प्रदूषण भी बढ़ा. निजी गाड़ियों पर टैक्स लगाना जरूरी है

भारत का शहरी संकट तब तक खत्म नहीं होगा जब तक शहर भीड़भाड़ वाले इलाकों में ड्राइविंग को महंगा नहीं बना देते.

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तेंदुए के हमले में सात साल की बच्ची की मौत

लखीमपुर खीरी (उप्र), 25 मार्च (भाषा) उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले के दुधवा राष्ट्रीय उद्यान स्थित बेलरायन रेंज में बुधवार की रात...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.