यह समझने के लिए कि 1971 को भारत की संसदीय सीटों का आधार क्यों बनाया गया, 1960 के दशक के उस माल्थसवादी डर को फिर से देखना होगा, जो विकास से जुड़ी सोच पर हावी था.
अविमुक्तेश्वरानंद पहले भी बीजेपी और कांग्रेस—दोनों के खिलाफ रुख ले चुके हैं. रविवार को उन्हें मौनी अमावस्या के दिन प्रयागराज में त्रिवेणी संगम पर पवित्र स्नान करने से रोका गया.
बीजेपी-संघ परिवार की बंगाल विरोधी सोच का सबसे साफ उदाहरण उसके नेताओं द्वारा ममता बनर्जी के खिलाफ इस्तेमाल की गई बेहद पितृसत्तात्मक और महिला-विरोधी भाषा है.
2000 के शुरुआती वर्षों में सीधे और ज्यादा मिराज विमान खरीदने के बजाय, ज़रूरत को बदलकर मिराज जैसी क्षमता वाले मीडियम वज़नी मल्टी-रोल फाइटर के पक्ष में किया गया.
अनुष्का कुमारी ने गांव के ऊबड़-खाबड़ मैदान में नंगे पांव, परिवार के विरोध के बावजूद लड़कों के साथ खेलना शुरू किया. तीन साल बाद, वह भारत की अंडर-17 ‘गोल मशीन’ हैं.
चुनाव आयोग को दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, बीजेपी ने चुनाव और प्रचार पर 3,355 करोड़ रुपये खर्च किए, जो कांग्रेस के 896 करोड़ रुपये से कहीं ज्यादा हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि संसाधन फायदा देते हैं, लेकिन वोट की गारंटी नहीं होते.
बड़ा सवाल यह है कि नितिन नबीन RSS के साथ कितनी सक्रियता से जुड़ेंगे. संघ को उनका नाम एक तय फैसले के तौर पर बताया गया—पुष्टि के लिए नहीं, सिर्फ जानकारी के लिए.
भारत के लिए असली अहमियत यह समझने में है कि वे सैन्य क्षमताएं और संयुक्त युद्ध की रणनीतियां क्या थीं, जिनकी वजह से ‘ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिज़ॉल्व’ संभव हो सका.
2023 के मणिपुर संघर्ष के दौरान जब उसे गैंगरेप और मारपीट का शिकार बनाया गया, तब वह 18 साल की थी. अब तक एक भी गिरफ्तारी नहीं हुई है, और CBI ने अभी तक चार्जशीट दाखिल नहीं की है. चुराचांदपुर में लोग अब कैंडललाइट मार्च के लिए इकट्ठा हुए हैं.