भारत को वैज्ञानिक, डेटा-आधारित रेगुलेशन की ज़रूरत है, न कि मनमाने दखल की. सुरक्षा सिर्फ़ सख़्ती से हासिल नहीं होती. इसके लिए रियलिस्टिक मॉडलिंग की ज़रूरत होती है.
CSDS भारत का सबसे प्रभावशाली रिसर्च इंस्टीट्यूट है, जो रजनी कोठारी, आशीष नंदी और धीरूभाई सेठ जैसे महान विचारकों के लिए जाना जाता है, जिन्होंने भारत-केंद्रित राजनीतिक सिद्धांत बनाया.
मूर्ति पूजा विज्ञान के खिलाफ है, यह बंकिम चंद्र चटर्जी का निजी विश्वास था, जिन्होंने वह गाना लिखा था जिसकी मूर्ति पूजा भारत के राष्ट्रीय आंदोलन के दौरान सबसे ज़्यादा विवादित मुद्दों में से एक बन गई थी.
पिछले साल अहमदाबाद में कोल्डप्ले के परफॉर्मेंस के बाद, 'कॉन्सर्ट इकोनॉमी' शब्द अचानक चलन में आ गया. इसने कई राज्यों के बीच भारत की कॉन्सर्ट कैपिटल बनने की होड़ शुरू कर दी है.
इंडिगो से सवाल पूछने के अलावा, यह भी पूछने का समय है कि पॉलिसी और रेगुलेशन ने एक बिज़नेस मॉडल को रेगुलेटर, पैसेंजर और सरकारी खजाने को बंधक बनाने की इजाज़त क्यों दी.
बीआर आंबेडकर अमेरिकी संविधान के चौदहवें संशोधन को बहुत महत्व देते थे, जिसे 1868 में मंज़ूरी मिली थी. इस संशोधन ने गृहयुद्ध के बाद अफ्रीकी अमेरिकियों को समानता का अधिकार दिया था.
आंबेडकर ने भारत की संघीय संरचना बनाते समय उत्तर और दक्षिण के अंतर को ध्यान से समझा. उनका मानना था कि संघवाद शक्ति की समानता के सिद्धांत पर आधारित होना चाहिए.
अमेरिका के थिंक टैंक IRI ने बांग्लादेश पर अपनी चुनाव से पहले की असेसमेंट रिपोर्ट जारी की है. यह रिपोर्ट अवामी लीग के इस दावे को गलत साबित करती है कि छात्र आंदोलन 'विदेशी साजिश' थी.