दिल्ली के त्रि नगर के निवासी अपने घरों में सुअरों को पिंजरे में रख रहे हैं, जबकि दीवारों पर गहनों से सजे एक शक्तिशाली, देवी-देवता के पोस्टर लगाए गए हैं.
केरल के सबसे उत्तरी ज़िले के निवासी अक्सर अस्पतालों, कॉलेजों और उड़ानों के लिए राज्य की सीमा पार करते हैं. 9 अप्रैल को होने वाले चुनावों से पहले, BJP इसे वोटों में बदलने की कोशिश कर रही है.
छात्र वीज़ा को लेकर कनाडा की सख़्त नीति का असर इमिग्रेशन कंपनियों और एजेंटों पर भी पड़ा है, जबकि पंजाब पुलिस बड़े पैमाने पर हो रही धोखाधड़ी को लेकर एजेंटों के ख़िलाफ़ अपनी कार्रवाई जारी रखे हुए है.
पद्म श्री से सम्मानित वह व्यक्ति, जिसने धन और सत्ता का त्याग कर दिया था, जनवरी में बदहाल, अकेला और लगभग बेजान हालत में पाया गया. उनकी कीर्ति भले ही बढ़ती जा रही हो, लेकिन डॉ. टी.के. लाहिरी आज भी एक पहेली ही बने हुए हैं.
महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में पुलिस की देखरेख और सरकार की पुनर्वास योजना के तहत पूर्व माओवादी फैक्ट्री, खेती और सरकारी मकानों के सहारे नई ज़िंदगी बना रहे हैं.
मुख्यधारा मीडिया में लगातार, लगभग एक जैसा नैरेटिव दिखाया जाता है: बंगाल ‘कानूनहीन’, बंगाल ‘हिंसक’, बंगाल ‘अस्थिर’. हर घटना को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया जाता है.
केरल में अपनी पकड़ बढ़ाने की कोशिश में बीजेपी ने ईसाइयों को ‘माइक्रो-माइनॉरिटी स्टेटस’ और ‘सरकारी योजनाओं, स्कॉलरशिप व सामुदायिक विकास के लाभों में बराबर पहुंच’ का वादा किया है.
राशिद अहमद मुगल के परिवार ने शव देने की मांग की, कहा—अगर इंसाफ नहीं मिला और ‘आतंकी’ का आरोप नहीं हटाया गया तो सड़कों पर उतरेंगे. J&K एल-जी पहले ही मजिस्ट्रेट जांच का आदेश दे चुके हैं.
वामपंथी खेमे ने अपने उम्मीदवारों की घोषणा जल्द करके चुनावी मैदान में ज़ोरदार शुरुआत की है, जिसके चलते UDF को अब उनकी बराबरी करने के लिए तेज़ी दिखानी पड़ रही है. BJP के नज़रिए से, यह चुनाव एक क्वार्टर-फ़ाइनल या सेमी-फ़ाइनल जैसा है.