प्रदेश सरकार ने मनरेगा के माध्यम से अब तक 6,703 करोड़ रुपये की धनराशि खर्च कर गांवों में आय के नए स्रोत तैयार किए हैं. इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़े हैं और पलायन पर प्रभावी अंकुश लगा है.
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि एएनटीएफ में कार्यरत सभी पुलिसकर्मियों को जल्द रेग्युलर किया जाए और शेष रिक्त पदों पर शीघ्र तैनाती सुनिश्चित की जाए.
जनजातीय समाज और वनोपज संग्राहकों के हितों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि तेंदूपत्ता पारिश्रमिक 4000 रुपये से बढ़ाकर 5500 रुपये किया गया है, जिससे 13 लाख परिवारों को लाभ मिल रहा है.
नक्सलवाद के खिलाफ जंग के कई योद्धाओं का कोई जिक्र नहीं किया जाता लेकिन गृह मंत्रालय के ‘समाधान’ कार्यक्रम को इन्हीं योद्धाओं के प्रयासों के कारण कामयाबी मिली.