जम्मू-कश्मीर में यह धारणा बढ़ती जा रही हैं कि मुख्यधारा की पार्टियां तंगहाली में हैं - वे उग्रवादियों का महिमामंडन नहीं कर रही हैं, लेकिन उनकी निंदा भी नहीं कर रही हैं.
दिलीप से जब पूछा गया कि उन्हें किसी को वोट क्यों देना चाहिए? जवाब में उन्होंने कहा कि तरक्की के मामले में उतर पूर्वी दिल्ली को वो बाकी की दिल्ली जैसा बना देंगे.
हिंदू आतंकवाद की बात करने वाले दिग्विजय सिंह के सामने भाजपा ने साध्वी प्रज्ञा ठाकुर को मैदान में उतारा है. मालेगांव ब्लास्ट केस में मुख्य आरोपी भी हैं, जिस पर सुनवाई चल रही है.
वैसे यह पहली बार नहीं है कि महिलाओं के साथ पार्टी के कार्यकर्ताओं ने दुर्व्यवहार किया हो. इससे पहले अभिनेत्री नगमा कांग्रेस से प्रत्याशी थीं तब भी पार्टी के एक कार्यकर्ता ने उनसे बुरा व्यवहार किया था.
साध्वी प्रज्ञा भोपाल से चुनाव लड़ सकती हैं. भाजपा की मजूबत सीट कही जाने वाली इंदौर, भोपाल, विदिशा, सागर और गुना से अभी तक उम्मीदवार का फैसला नहीं हो पाया है.
शायद भारतीय पुरुषों के व्यवहार पर सही तरह से नज़र रखने का एकमात्र तरीका यह है कि हर ट्रिप पर उनकी मां उनके साथ हों. अगर वे किसी अजनबी से मिलना चाहते हैं, तो उन्हें पहले मम्मी से पूछना चाहिए.