सत्ता बंटवारे को लेकर खींचतान कर रही भाजपा और शिवसेना ने अपना-अपना संख्या बल बढ़ाने के प्रयास में जुटी हैं इसके अंतगर्त भाजपा ने तीन निर्दलीय एवं छोटे दलों के दो विधायकों का समर्थन प्राप्त किया.
राजनीतिक नेतृत्व ने 1971 की तरह 2020 में भी सैन्य मामलों में दखल न देकर सही राजनीतिक निर्देश जारी किया, और रक्षा मंत्री ने सेना अध्यक्ष को सलाह दी कि 'जो उचित समझो वो करो.'