मुख्यमंत्री पद को लेकर भाजपा और शिवसेना के मतभेदों के कारण राज्य में दो हफ्ते से सरकार गठन की प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई है. मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल शनिवार को समाप्त हो रहा है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीन साल पहले देश को संबोधित करते हुए 500 और 1000 के नोट बंद करने का एलान किया था. इसके बाद विपक्षी पार्टियों ने सरकार के इस कदम की काफी आलोचना की थी.
मायावती ने कहा कि शीर्ष अदालत की व्यवस्था का हर हाल में सम्मान किया जाना चाहिए.साथ ही सरकार से लोगों के जानमाल की सुरक्षा की गारंटी सुनिश्चित करने का भी अनुरोध किया है.
संजय राउत ने कहा कि राज्य में मुख्यमंत्री शिवसेना का ही होगा. जो भी विधायकों के पाला बदलने की भ्रामक खबरें फैला रहे हैं उन्हें पहले अपने बारे में सोचना चाहिए.
तिवारी ने कहा कि हरियाणा और महाराष्ट्र के चुनावों ने यह अहम संदेश दिया है कि अर्थव्यवस्था ने देश के लोगों को तकलीफ पहुंचाना शुरू कर दिया है और यह उनकी चिंता थी.
राजनीतिक नेतृत्व ने 1971 की तरह 2020 में भी सैन्य मामलों में दखल न देकर सही राजनीतिक निर्देश जारी किया, और रक्षा मंत्री ने सेना अध्यक्ष को सलाह दी कि 'जो उचित समझो वो करो.'